
भिलाई,

टाउनशिप में स्थित श्री गुरु सिंघ सभा सेक्टर 6 गुरुद्वारा जो कि कई वर्षों पुराना गुरुद्वारा संचालित होते आ रहा है. पिछले कुछ माह से चुनाव को लेकर वर्तमान प्रधान गुरदेव सिंह एवं उनकी बॉडी और पराजित हुए जीएस फ्लोरा और पूर्व प्रधान तारा सिंह, एवं पूर्व प्रधान रहे कुलवंत सिंह तथा मनजीत सिंह के बीच चल रहे वाद विवाद एवं चुनावी दंगल को लेकर आज छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के चेयरमैन जसवीर सिंह चहल एवं 11 गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रधान के अलावा सिख यूथ सेवा समिति की मौजूदगी में पत्रकार वार्ता में यह जानकारी चेयरमैन जसबीर सिंह चहल ने देते हुए बताया कि 21 जनवरी 2026 को श्री गुरुसिंघ सभा सेक्टर 6 में होने वाले चुनाव को हम नहीं होने देंगे. उसका हम पुरजोर विरोध करते हैं. चूंकि पूर्व प्रधान कुलवंत एवं पूर्व प्रधान रहे तारा सिंह गुरुद्वारा एवं स्कूल को अपनी प्रॉपर्टी एवं जागीर समझते हैं और समाज में दो फाड़ करके मतभेद पैदा कर रहे हैं हम छत्तीसगढ़ सिख पंचायत पिछले 8 वर्षों से दुर्ग भिलाई में सिख समाज को जोड़ने का काम कर रहा है. और सिख परिवारों को हम गुरुद्वारे से जोड़ रहे हैं. कुलवंत सिंह की पार्टी दो बार चुनाव में हार चुकी है, और तीसरी बार भी वह चुनाव चाह रहे हैं. जिसे हम नहीं होने देंगे. वर्तमान अध्यक्ष गुरदेव और उनकी बॉडी पर झूठे आरोप पराजित लोग लगा रहे हैं. श्री गुरुसिंघ सभा सेक्टर 6 के सौ से अधिक सदस्यों ने सरदार तारा सिंह द्वारा कराए गए तथाकथित एवं अवैध निर्वाचन के विरुद्ध सहायक पंजीयक फर्म एवं समिति दुर्ग के समक्ष लिखित शिकायत की थी. इस अवैध प्रक्रिया में सरदार तारा सिंह ने स्वयं को अध्यक्ष घोषित कर अपने पुत्र मनजीत सिंह को सभा द्वारा संचालित गुरु नानक स्कूल का प्रभार सौंप दिया था. पूर्व प्रधान कुलवंत सिंह, वर्तमान प्रधान गुरुदेव की बॉडी को ब्लैकमेल कर रहा है. 23 जनवरी को जो सुनवाई रायपुर में होनी है, इसका फैसला 13 जनवरी को आने वाला है जिसका हमें इंतजार है. श्री चहल ने आगे कहा कि पूर्व प्रधान रहे कुलवंत एवं तारा सिंह काफी बुजुर्ग हो गए हैं, उन्हें अपना मार्गदर्शन देकर युवाओं को गुरु सिंघ सभा में काम करने का मौका देना चाहिए.फर्म एवं रजिस्ट्रार रायपुर में पदस्थ अधिकारी पद्मिनी भोई ने अपील एवं शिकायतकर्ता पूर्व प्रधान रहे कुलवंत सिंह को ही चुनाव अधिकारी बना दिया है. जो कि गलत फैसला है. चूंकि दोनों पक्षों का मामला फर्म एवं रजिस्ट्रार पद्मिनी भोई से ऊपर बैठे अफसरों के पास मामला पेंडिंग था. जिसका निर्णय जनवरी 2026 की 22 या 23 तारीख को आने वाला था. लेकिन पद्मिनी भोई द्वारा 21 तारीख को चुनाव की तिथि एवं कुलवंत सिंह पूर्व प्रधान को चुनाव अधिकारी नियुक्त करने से सिख समाज में भारी टकराव की स्थिति पैदा कर दी है. जिससे कि दुर्ग भिलाई का सिख समाज पूरी तरह से आक्रोशित नजर आ रहा है. चूंकि सेक्टर 6 पुलिस कंट्रोल रूम में सीएसपी एवं भिलाई नगर एसडीएम हितेश पिस्दा व सेक्टर 6 कोतवाली थानेदार रहे प्रशांत मिश्रा की मौजूदगी में गत माह दोनों ही पक्षों के बीच समझौता हुआ था और पूरे विधि विधान से बेलैट पर सही तरीके से सेक्टर 6 गुरुद्वारा में चुनाव संपन्न हुए थे. चुनाव में प्रधान की दावेदारी में जी एस फ्लोरा एवं गुरदेव सिंह के बीच मुकाबला था. जिसमें गुरदेव सिंह ने जी एस फ्लोरा को पराजित कर दिया. इस चुनावी दंगल में गुरुदेव सहित 13 गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लोग एवं पांच गुरु नानक स्कूल सेक्टर 6 के मेंबर बनाए गए कुल 18 सदस्यों की यह बॉडी प्रधान गुरदेव सिंह के नेतृत्व में चुनाव जीतने के बाद धार्मिक, सामाजिक के अलावा स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ाने का काम निरंतर कर रही है, लेकिन पिछले 25 वर्षों से पूर्व प्रधान रहे कुलवंत सिंह, तारा सिंह एवं अन्य लोग लगातार गुरुद्वारा एवं स्कूल को अपनी जागीर समझ बैठे हैं. और गुरुदेव पर दवाब डाल कर लगातार यह कहते रहे कि तुम हमें स्कूल और गुरुद्वारा की चाबी सौंप दो. चूंकि जी. एस. फ्लोरा बिजली विभाग में शासकीय पद पर कवर्धा में पदस्थ हैं, चुनाव में उनका इस चुनाव को करने में इतनी गहरी रुचि आखिरकार क्यों है. वहीं पूर्व प्रधान रहे तारा सिंह भी स्कूल में अध्यक्ष रहे और अपने पुत्र मनजीत सिंह को भी स्कूल चेयरमैन की जिम्मेदारी दे डाली थी. जिससे कि सिख समाज में भारी आक्रोश व्याप्त था. चूंकि पिता पुत्र परिवारवाद को बढ़ावा दे रहे थे, पूर्व प्रधान रहे कुलवंत सिंघ भी 25 वर्षों तक सेक्टर 6 गुरुद्वारे की कमान संभाले रहे. लेकिन 2019 से लेकर आज तक उन्होंने मात्र 295 लोगों को ही सदस्य बनाया है, लेकिन नए सदस्यों को जोड़ने का काम कुलवंत सिंह ने नहीं किया. वर्तमान प्रधान गुरदेव सिंह एवं उनके साथी पदाधिकारियों ने अभी वर्तमान में 400 से अधिक नए एवं पुराने सदस्यों को श्री गुरु सिंघ सभा गुरुद्वारा सेक्टर 6 से जोड़ा है. जिससे कि सिख समाज में हर्ष की लहर है. वहीं वर्तमान अध्यक्ष गुरदेव सिंह ने कहा हम शासन प्रशासन के निर्णय का मान एवं सम्मान करते हैं. किसी प्रकार का वाद-विवाद एवं मारपीट जैसी घटना हम नहीं चाहते हैं. हम शांति चाहते हैं और बातचीत से समस्या का हल चाहते हैं.मेरे ऊपर पूर्व प्रधान कुलवंत सिंह के द्वारा दबाव डाला जा रहा है कि 21 जनवरी को हमें चुनाव करना है उसके लिए तुम हमें गुरुद्वारा परिसर में एक कमरा दो, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब वह 25 वर्षों तक प्रधान रहे तो उन्होंने चुनाव के लिए कितने लोगों को कमरा दिया था. चूंकि हमारा चुनाव दुर्ग जिले के पुलिस एवं जिला प्रशासन के कहने पर छत्तीसगढ़ सिख पंचायत एवं 11 गुरुद्वारा के प्रबंधन कमेटी के प्रधान की उपस्थिति में चुनाव संपन्न हुआ था. जिसमें मुझे प्रधान बनाया गया था. इस चुनाव में बैलट का उपयोग हुआ था और मैं चुनाव जीतकर प्रधान बना.मैं छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के फैसले का आज भी सम्मान करता हूं और उनके फैसले पर आज भी अडिग हूं. 2019 में पूर्व प्रधान रहे कुलवंत सिंह की बॉडी में मैं खुद उपाध्यक्ष था, मेरे सहित चार-पांच अन्य सदस्य भी कुलवंत सिंह की बॉडी में शामिल थे. लेकिन कभी भी कुलवंत सिंह ने हमसे कोई भी जानकारी चुनाव संबंधी साझा नहीं की, जिसका हमें बहुत दुख है. अंत में प्रधान गुरुदेव ने यह भी कहा कि सिख पंचायत मेरे साथ खड़ा है मैं सभी सिख पंचायत के पदाधिकारियों का सम्मान करता हूं.वहीं छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के उपाध्यक्ष अरविंदर सिंह खुराना ने कहा कि फर्म एवं रजिस्ट्रार की अफसर पद्मिनी भोई ने शिकायत कर्ता एवं अपील कर्ता को ही चुनाव अधिकारी बना दिया. सबकी सहमति से यह चुनाव संपन्न हुए हैं इसमें वर्तमान प्रधान गुरदेव सिंह की बॉडी अपने चुनाव का संचालन बेहतर तरीके से कर रही है. मेरा ऐसा मानना है कि चुनाव नहीं होने चाहिए. रायपुर में बैठे अफसरों को अपना फैसला बदलना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि दुर्ग और रायपुर के कानून में अलग-अलग निर्णय होते हैं क्या ? दुर्ग का कानून अलग और रायपुर का कानून अलग है क्या. शासन प्रशासन इसका जवाब दे.

आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में निर्मल सिंह रंधावा, हृदय पाल सिंह उप्पल, गुरमेज सिंह पित्ते, मलकीत सिंह लल्लू भैया, हरचरण सिंह आनंद, गुरनाम सिंह, पलविंदर सिंह रंधावा, बलदेव सिंह, बीबी कुलवंत कौर, पवन संधू, सतनाम सिंह, तेजू सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के युवा, बुजुर्ग एवं महिला साथी उपस्थित थे.
