Spread the love

[ad_1]

फूलों के मौसम में त्वचा की एलर्जी और लाल दाग की समस्या आम है। इस फंगल संक्रमण को टीनिया वर्सिकलर के नाम से जाना जाता है। वर्षा के होने का कारण मौसम में अधिकांशतः होता है जिसका कारण से संक्रमण उत्प्रेरक के शरीर के साथ कई विचारधाराओं में भी पाया जाता है। टीनिया वार्सिकलर संक्रमण चेहरे, छाती और पीठ पर कंठ के साथ होता है। शरीर पर प्रभाव प्रभाव से त्वचा पर खुजली होती है। 1 से 2 सप्ताह के समय में टीनिया वर्सिकलर इंफेक्शन एकदम से ठीक होने लगता है।

टीनिया वर्सिकलर को निषेध के तरीके

अगर मौसम बदल रहा है तो लूज या सुपरमार्केट सुपरमार्केट। क्योंकि इस मौसम में चुस्त कपड़े के आकार से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

जब भी आप उसकी पोस्ट न करना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा हो जाता है।

शरीर में जब इंफेक्शन होना प्रतीत होता है तो इंफेक्शन बढ़ना प्रतीत होता है।

त्वचा में एंटी-फंगल संक्रमण पर शैम्पू और क्रीम का उपयोग करें।

इंस्टालेशन के पानी में 1 एंज़ायर नीम बिल्डिंग का निर्माण।

टीनिया वर्सिकलर इंफेक्शन से बचाव के उपाय

टीनिया वर्सिकलर इंफेक्शन को सेहुआ के नाम से भी जाना जाता है। इससे बचने के लिए एंटीफंगल क्रीम कॉन्स्टेंट कॉनस्टिवेशन लेना चाहिए। यदि यह बड़े पैमाने पर नामांकित होना चाहिए तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।

जहां पर आपको इंफेक्शन उस जगह पर मिलेगा जहां पर अच्छे से चंदन का लेप रूम है। ताकि त्वचा को नालियों और खुजली से बचाया जा सके

आप एक और कर सकते हैं इसलिए शहद लें और शामिल करें हल्दी स्टॉक। शहद और हल्दी में एंटी-बैक प्लांटिरियल और एंटी फंगल गुण होते हैं जो संक्रमण को बढ़ाते हैं।

फंगल इन्फेक्शन फ़्रैंचाइज़ेशन पर डॉक्यूमेंट्री किन का नारा हो जाता है। ऐसी स्थिति में एंटी फंगल मॉइस्चराइजिंग का प्रयोग किया जाता है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताई गई विधि, तरकीबें और सलाह पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

ये भी पढ़ें: शरीर में आंत क्यों बनती है? यह शरीर किस हद तक नष्ट हो जाता है

नीचे स्वास्थ्य उपकरण देखें-
अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की गणना करें

आयु कैलकुलेटर के माध्यम से आयु की गणना करें

[ad_2]

Source link

Umesh Solanki

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *