Spread the love

[ad_1]

गुरुवर उपाय: आज वंहा माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि और दूसरा गुरुवार है। साथ ही आज कामिका एकादशी का व्रत भी है। हिंदू धर्म में गुरुवार और एकादशी दोनों को भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित किया जाता है।

वहीं ज्योतिष में भी सभी नवग्रहों के गुरु को महत्वपूर्ण माना गया है और बृहस्पति को सभी नवग्रहों का गुरु कहा गया है। आज इस विशेष दिन पर कुछ उपायों को करने से लेकर मोक्ष प्राप्ति की प्रार्थना तक और इन मंत्रों के जाप से जगत के पालनहार विष्णुजी की प्रार्थना बार्ज करेंगे।

गुरुवार के उपाय (Guruwar ke Upay)

  • सुख-समृद्धि के लिए: आज भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा अवश्य करें। पूजा में गुड़ और चने की दाल का भोग। इससे जीवन में खुशियों का आगमन होगा और घर पर सुख-समृद्धि आएगी।
  • गुरु दोष दूर करने के उपाय: कुंडली में यदि गुरु ग्रह की स्थिति खराब हो तो पति-पत्नी में मनमुटाव रहता है। साथ ही एथलीटों में भी बाधा उत्पन्न होती है। इसके लिए गुरुवार के दिन संस्थान के पानी में पिंचभर हल्दी स्नान करें।
  • विवाह के लिए: विवाह में किसी तरह की बाधा आ रही है तो गुरु के दिन केले के उपाय में जल चढ़ाएं और पूजा करें। इससे जल्दी विवाह के योग बनते हैं।
  • व्यापार में लाभ के लिए: व्यापार में घाटा हो रहा है या मंदी चल रही है तो गुरुवार के दिन किसी मंदिर में हल्दी की माला का आभूषण। साथ ही लिपस्टिक परिधान धारण करे और हल्दी का रेशमी धागा। ऐसा करने से व्यापार में फायदा होता नजर आ रहा है.
  • मोटिवेशनल उत्पादन के लिए: भगवान विष्णु को पीला रंग अतिप्रिय है। इसलिए गुरुवार के दिन पीले रंग का अधिक से अधिक प्रयोग करें। भगवान को पीले फल आदि का भोग वस्त्र, स्वयं भी पीले फल आदि का भोग वस्त्र और चौथे रंग की नीवे का दान करें। इससे भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होगा और सभी मन्त्रियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।

गुरुवार के मंत्र (गुरुवार मंत्र)

ॐ बृं बृहस्पतये नम:।

ॐ क्लीं बृहस्पतये नम:।

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:।

ॐ ऐं श्रीं बृहस्पतये नम:।

ॐ गुं गुरवे नम:।

ये भी पढ़ें: गरुड़ पुराण: इन बर्तनों से करें लोगों की पहचान, कभी नहीं खाएंगे धोखा

अस्वीकरण: यहां संस्थागत सूचनाएं सिर्फ और सिर्फ दस्तावेजों पर आधारित हैं। यहां यह जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह के सिद्धांत, जानकारी की पुष्टि नहीं होती है। किसी भी जानकारी या सिद्धांत को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

[ad_2]

Source link

Umesh Solanki

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *