[ad_1]
09:48 AM, 07-Sep-2023
Krishna Janmashtami 2023: जन्माष्टमी दो दिन क्यों ? जानें क्या कहते हैं शास्त्र और वैदिक पंचांग
Krishna Janmashtami Wishes
– फोटो : Amar Ujala
देश के जिस भाग में सूर्योदय कालीन तिथि को वरीयता दी जाती है वहां और वैष्णव सम्प्रदाय तथा सन्यासियों द्वारा यह पर्व 07 सितंबर गुरुवार को सूर्योदयकालीन अष्टमी तिथि के दिन मनाया जायेगा, क्योंकि ये भक्त अष्टमी और नवमी तिथि के संधिकाल को ही वरीयता देते हैं। इस वर्ष रात्रि में नवमी (रिक्ता तिथि) व्याप्त होगी। शास्त्रों में रिक्ता तिथि में किया गया कार्य बहुत शुभ नहीं माना जाता किंतु उस दिन यदि शनिवार हो तो ये शुभ होता है और न हो, तो कार्यसिद्धि के लिए शनि की होरा का समय ग्रहण किया जा सकता है। ऐसी मान्यता है कि श्रीकृष्ण के जन्म के समय मध्य रात्रि में वसुदेव जी जब इन्हें लेकर मथुरा से गोकुल के लिए प्रस्थान किए तो उनके गोकुल पहुंचने तक ‘ब्रह्ममुहूर्त’ लग चुका था इसलिए वृंदावन गोकुल आदि के भक्त उदयातिथि की अष्टमी को ही जन्माष्टमी मानते हैं।
09:36 AM, 07-Sep-2023
Janmashtami 2023: मथुरा, वृंदावन और इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी की धूम

आज मथुरा, वृंदावन, द्वारिका और इस्कॉन मंदिर समेत देश-विदेश के सभी मंदिरों में कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आज कान्हा के स्वागत में उनकी नगरी सजी है। वृंदावन के बांके बिहारी समेत सभी मंदिरों को रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। सुबह से ही देश-विदेश से श्रद्धालु कान्हा की नगरी में एकत्र होने लगे हैं। बड़ी संख्या में कृष्ण भक्त अपने आराध्य के दर्शन के लिए वृंदावन, मथुरा और इस्कॉन के मंदिर में एकत्रित हो रहे हैं।
09:26 AM, 07-Sep-2023
Happy Krishna Janmashtami 2023: आज दोस्तों, रिश्तेदारों और अपनों को दें कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

Happy Krishna Janmashtami 2023 Wishes
– फोटो : अमर उजाला
राधा की भक्ति
मधुर मुरली की मिठास
माखन का स्वाद और ब्रज की गोपियों का रास।
आइए मिलके बनाते हैं श्री कृष्ण जन्माष्टमी को खास
कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
————————-
माखन चोर नंद किशोर
बांधी जिसने प्रीत की डोर
हरे कृष्ण हरे मुरारी
पूजती जिन्हे दुनिया सारी
आओ उनके गुण गाएं
सब मिल के जन्माष्टमी मनाएं
कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
—————————————–
माखन चुराकर जिसने खाया
बंसी बजाकर जिसने नचाया
खुशी मनाओ उसके जन्मदिन की
जिसने दुनिया को प्रेम का रास्ता दिखाया।
कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
09:13 AM, 07-Sep-2023
वैष्णव सम्प्रदाय औ संन्यासी आज मना रहे है जन्माष्टमी
देश के जिस भाग में सूर्योदय कालीन तिथि को वरीयता दी जाती है वहां और वैष्णव सम्प्रदाय तथा सन्यासियों द्वारा यह पर्व 07 सितंबर, गुरुवार को सूर्योदयकालीन अष्टमी तिथि के दिन मनाया जा रहा है। क्योंकि ये भक्त अष्टमी और नवमी तिथि के संधिकाल को ही वरीयता देते हैं।|
03:57 PM, 06-Sep-2023
Aarti Kunj Bihari Ki : जन्माष्टमी पर पूजा में जरूर करें आरती कुंज बिहारी की….

Krishna aarti
– फोटो : अमर उजाला
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन माखन-मिश्री और पंचामृत का भोग लगाने और कुंज बिहारी की आरती करने से भगवान कृष्ण जल्द प्रसन्न होते हैं।
श्रीकृष्ण की आरती
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला
श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक
चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की…॥
कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।
अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।
जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
टेर सुन दीन दुखारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
02:50 PM, 06-Sep-2023
जन्माष्टमी पूजा विधि
- जन्माष्टमी के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें ।
- माता देवकी और भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति या चित्र पालने में स्थापित करें।
- पूजन में देवकी,वासुदेव,बलदेव,नन्द, यशोदा आदि देवताओं के नाम जपें।
- रात्रि में 12 बजे के बाद श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाएं।
- जन्माष्टमी पर कान्हा को पीले चंदन या फिर केसर का तिलक जरूर लगाएं, साथ ही साथ उन्हें मोर के मुकुट और बांसुरी जरूर अर्पित करें।
- लड्डूगोपाल को पंचामृत से अभिषेक कराकर भगवान को नए वस्त्र अर्पित करें एवं झूला झुलाएं।
- तुलसी डालकर माखन-मिश्री व धनिये की पंजीरी का भोग लगाएं।
- अंत में आरती करके प्रसाद को वितरित करें।
02:12 PM, 06-Sep-2023
Janmashtami 2023: मोरपंख, गाय और सुदर्शन चक्र

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
– फोटो : amar ujala
मोरपंख
श्री कृष्ण के मुकुट पर मोरपंख सबसे पहले उनकी माता यशोदा ने लगाया था । प्रेम में ब्रह्मचर्य की महान भावना को समाहित करने के प्रतीक रूप में कृष्ण मोरपंख को अपने सिर पर धारण करते हैं।यह उनके प्रेम और सौंदर्यबोध का प्रतीक है।
अजितंजय
श्रीकृष्ण ने गुरु पुत्र को शंखासुर दैत्य से मुक्त कराया था। श्री कृष्ण को यह धनुष उनके गुरु सांदीपनि ने सौपा था।अजितंजय धनुष गुरु सम्मान का प्रतीक है।
गाय
संसार में पृथ्वी और गौ से बड़ा कोई उदार और क्षमादान नहीं। गाय,भगवान श्री कृष्ण को अतिप्रिय है,इसका कारण यह है गाय सब कार्यों में उदार तथा समस्त गुणों की खान है।यह क्षमा और उदारता का प्रतीक है।
सुदर्शन चक्र
शिक्षा ग्रहण करने के बाद भगवान कृष्ण की मुलाकात जब विष्णुजी के अन्य अवतार परशुराम से हुई तब परशुरामजी ने उन्हें सुदर्शन चक्र भेंट किया था। यह दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
01:47 PM, 06-Sep-2023
Janmashtami 2023: बांसुरी, वैजयंती माला और विराट रूप

जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं
– फोटो : amar ujala
सर्वप्रथम नंदबाबा ने अपने कान्हा के लिए बांसुरी लेकर दी थी। श्री कृष्ण हर पल प्रेम और शांति का संदेश देने वाली बांस की बांसुरी को अपने साथ रखते हैं। बांसुरी सम्मोहन,ख़ुशी ,आकर्षण व मन की शांति का प्रतीक मानी गई है।
-
विराट रूप
विश्वरूप अथवा विराट रूप भगवान कृष्ण का सार्वभौमिक स्वरूप है। महाभारत युद्ध होने से पूर्व कुरुक्षेत्र में श्री कृष्ण ने अर्जुन को अपने विराट रूप के दर्शन करवाए थे। यह रूप ऊर्जा का प्रतीक है
-
वैजयंती माला
श्री कृष्ण को वैजयंती के फूल और इसकी माला बेहद प्रिय है भगवान श्री कृष्ण ने जब पहली बार राधाजी व अन्य गोपियों के साथ रासलीला खेली थी,तब वैजयंती की माला राधाजी ने उन्हें पहनाई थी।यह प्रेम का प्रतीक मानी जाती है।
01:26 PM, 06-Sep-2023
जानिए सुदर्शन चक्र से लेकर मोरपंख तक भगवान कृष्ण के प्रतीकों के मायने…

Happy Krishna Janmashtami 2023 Wishes
– फोटो : अमर उजाला
6 और 7 सितंबर दो दिनों तक इस बार पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। श्री कृष्ण जन-जन के लिए ऐसे आदर्श हैं, जो सभी को सुखी जीवन जीने के सूत्र सिखाते हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर आइए जानते हैं भगवान कृष्ण के 10 प्रतीक के बारे में….
चंदन भगवान कृष्ण को अत्यंत प्रिय है। इसके बिना इनकी पूजा पूर्ण नहीं होती। यह गोपी चंदन,हरि चंदन,सफ़ेद चंदन सहित कई प्रकार का होता है। चंदन ताजगी का प्रतीक है।
-
गोवर्धन पर्वत
श्री कृष्ण के बृज में स्थित गोवर्धन पर्वत उठाए स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। गोवर्धन पर्वत को भक्तजन गिरिराज जी भी कहते हैं। ये भगवान से सरंक्षण पाने का प्रतीक है।
भगवान का यह स्वरूप मन को सकारात्मक ऊर्जा से भरने वाला एवं आनंद देने वाला है। इस रूप के दर्शन मात्र से समस्त चिंताएं दूर होती हैं इसलिए ये आनंद का प्रतीक है।
01:04 PM, 06-Sep-2023
जन्माष्टमी पर जरूर करें भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र का जप और पाठ
-
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
-
ॐ श्री कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजन वल्लभाय नमः
-
ॐ श्री कृष्णाय नमः
12:52 PM, 06-Sep-2023
Janmashtami 2023 Upay: पंचामृत और माखन मिश्री का लगाएं भोग

Happy Krishna Janmashtami 2023 Wishes
– फोटो : अमर उजाला
-
पंचामृत और माखन मिश्री
भगवान कृष्ण की पूजा में पंचामृत विशेष रूप से चढ़ाया जाता है। इसे गाय के दूध, दही, घी, शहद व शक्कर मिलाकर तैयार किया जाता है। इसका सेवन करने से कई तरह की बीमारियां और मानसिक विकार दूर होते हैं। वहीं भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री अत्यंत प्रिय है। जन्माष्टमी पूजन के समय आप भगवान को माखन मिश्री का भोग जरूर लगाएं।ऐसा करने से आपके रिश्ते मधुर बनेंगे व घर में सुख-समृद्धि का वास होगा।
12:27 PM, 06-Sep-2023
Janmashtami 2023 Upay: कृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा को अर्पित करें बांसुरी

Krishna Janmashtami
– फोटो : अमर उजाला
भगवान कृष्ण को बांसुरी बहुत ही प्रिय होती है। ऐसे में जन्माष्टमी के दिन एक बांसुरी लाएं और उस बांसुरी को भगवान श्री कृष्ण को अर्पित करने के बाद वह बांसुरी अपने बेडरूम में अपने बैड के पास रखें। ऐसा करने से आपका वैवाहिक जीवन सुखमय हो जाएगा। वही अगर घर का कोई सदस्य अक्सर बीमार रहता है तो दरवाज़े के ऊपर अथवा सिरहाने बांसुरी रखने से स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
11:57 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami 2023 Upay: कृष्ण जन्माष्टमी पर तुलसी का उपाय…

भगवान कृष्ण को तुलसी का पौधा बहुत ही प्रिय होता है। तुलसी को देवी लक्ष्मी का ही रूप माना गया है। जन्माष्टमी पर जिस भी चीज का भोग लगाएं उसमें तुलसी के पत्ते जरूर रखें। किसी कारणवश भोग न भी लग पाएं तो सिर्फ तुलसी के पत्ते चढ़ाने से भी कान्हा की कृपा के साथ लक्ष्मीजी की कृपा से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती और भाग्य का साथ मिलता है।
11:51 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami 2023 Upay: कृष्ण जन्माष्टमी पर जरूर करें ये उपाय…

Krishna Janmashtami 2023: 5 verses of Geeta
– फोटो : अमर उजाला
इस बार कृष्ण जन्माष्टमी 6 और 7 सितंबर को मनाई जा रही है। जन्माष्टमी पर कई तरह के उपाय किए जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण को मोर मुकुटधारी भी कहते हैं। जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को मोरपंख भी अर्पित करना चाहिए। इसके बाद इस मोर पंख को अपनी तिजोरी में रख लें। इससे धन लाभ के योग बनते हैं साथ ही आर्थिक परेशानी भी दूर हो जाती है।
11:40 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami Wishes: कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं…
भगवान कृष्ण का एक नाम माधव भी है। माधव नाम के पीछ दो कथाएं सबसे ज्यादा प्रचलित है। वसंत ऋतु का ऋतुओं में वसंत के समान श्रेष्ठ होने के कारण कृष्ण का नाम माधव पड़ा है, वहीं त्रेतायुग में एक मधु नाम का राक्षस था और इस मधु का पुत्र यादवराज था। कान्हा के मधु के वंश में जन्म लेने कारण इन्हें माधव भी कहते हैं।
[ad_2]
Source link
