Saturday, January 22, 2022
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21 Powerful Richa Chaturvedi Quotes on Life


Dear Sheroes,

Richa Chaturvedi is an Indian Women Empowerment Strategist and Life Coach, Founder EmpowHer, Teacher and Author who is helping women and young girls to unlock Success and Growth with her flagship program “Create Your Success and Design Your Destiny Masterclass”.

Check out these Richa Chaturvedi quotes on life and success as a Life Designer!

  1. “A SHERO is one with Deeper Instincts, with No self-Doubt, Tough to Shun the “Being Naive” Comments on her.”
  2. “Extent of Our Happiness depends upon How Healthy our Connections are.”
  3. Adaptability is a life skill – Your existence exists if you adapt to challenges”
  4. “Your inner connections create connections with the outside world, So connect inside to Radiate Outside!”
  5. “The biggest loss one can survive is the loss of your own self, yet you are termed as living”
  6. “High Expectations + No Direction + No Action = Resentment + Fear + Anger”
  7. “Resentment, Fear and Anger  are Demons and its best friends, ruining your present and existence”
  8. “Your Life is ruled by your aspirations and the possibilities lie in your hands!”
  9. Meditation – Wisdom knocking and kicking some invisible walls of complexities”
  10. “Look deep into the eyes of Nature, You will realise it is the biggest influencer on this planet”
  11. “The way you dress is the way you carry your confidence and that’s the way you address and are getting addressed”
  12. “Dress To show your Authority, Dress to up your Confidence Quotient, Dress to Success”
  13. I am a free willed Bird – Living in Faith of Light by embracing my existence through Darkness”
  14. “It is the darkness that let our vision see through the light in it”
  15. “With the onset of Pandemic and remote working, management asking for more team meetings seems like we are beating walls to turn them into passages!”
  16. TIME is GOLD! It is the only resource which you can’t get back. Once gone, it’s gone for forever! Invest wisely!!!”
  17. A boundary is an invisible gate between the responsible you and irresponsible someone. If you set them right you can save yourself from short circuit”
  18. Believe that you can and Thus, you shall!!”
  19. Habits are your identity, they define you, your goal, your present and future. They built YOU or Destroy YOU!”
  20. Habits are your personality Mirror, which is visible to others in a much louder way than it is to your own self”
  21. Books – A Pure Magic, An Insightful Friend, A Soulful Mentor! Every Book is a Journey within this Life’s Journey”

Which quote do you Resonate with?

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Richa Chaturvedi

About Author

Richa Chaturvedi is a Women Empowerment Strategist and Coach and the founder of EmpowHer. Her purpose is to Empower women to find their Identity, connect to their soul, unlock Abundance and attain success in both personal and professional life. She calls them Sheroes, because she feels they are their own heroes.

कटनी कुठला थाना क्षेत्र के बस स्टैंड स्थित मेसर्स किरार इंडियन ऑयल एजेंसी पर जिला प्रशासन से छापेमार कार्यवाही करते हुए क्षमता से अधिक कैरोसिन मिला


मध्यप्रदेश कटनी डेली खबर संवाददाता सर्वेश सिंह की रिपोर्ट

डेली खबर– कटनी कुठला थाना क्षेत्र के बस स्टैंड स्थित मेसर्स किरार इंडियन ऑयल एजेंसी पर जिला प्रशासन की छापेमार कार्यवाही करते हुए छमता से  अधिक कैरोसिन पकड़ा है। जिस पर जिला प्रशासन लगातार एजेंसी के मालिक से पूछताछ व वहां के कार्यालय में रखे कागज़ातों की जांच की जा रही।

अपर कलेक्टर रोमानुस टोप्पो बताया कि बस स्टैंड स्थित मेसर्स किरार इंडियन ऑयल एजेंसी पर एसडीएम तहसीलदार खाद्य नाप तोल विभाग और कुठला थाने की पुलिस बल के साथ छापेमार कार्यवाही की गई। इस कार्यवाही के दौरान उन्हें छमता से अधिक 7 हज़ार लीटर कैरोशीन मिला। जिसके बाद छापेमार कार्यवाही करने पहुँची प्रशासन की टीम ने मेसर्स किरार इंडियन ऑयल एजेंसी के मालिक से पूछताछ व उनके कार्यालय में रखे कागजातों की जांच की जा रही है। साथ ही अपर कलेक्टर रोमनुस टोप्पो ने यह भी बताया कि कार्यवाही के बाद नियमानुसार जो भी कार्यवाही होगी वह की जाएगी।
मध्यप्रदेश कटनी डेली खबर संवाददाता सर्वेश सिंह की रिपोर्ट

1500 की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने बनवार उप तहसील के बाबू को रंगे हाथों पकड़ा बैनामा पास आदेश के लिए मांगे थे ₹3000


मनोहर शर्मा दमोह
सागर लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को बनवार उप तहसील कार्यालय के बाबू विनोद दुबे को 15 सो रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बाबू ने उक्त रिश्वत सोनू सेन से बैनामा पास करने के लिए ली थी लोकायुक्त टीम ने टीम ने मौके पर बाबू को रंगे हाथ पंद्रह ₹100 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है, जिसकी कार्यवाही लोकायत टीम की निरीक्षक रोशनी जैन आरक्षक सुरेंद्र संजू अग्निहोत्री संतोष गोस्वामी की टीम के द्वारा बनवार पुलिस चौकी में की जा रही है
जानकारी के अनुसार सोनू सेन निवासी रोड ने उप तहसील में बैनामा पास करवाने के लिए 31 दिसंबर 2021 को आवेदन किया था जिसकी दो पेशी के बाद बैनामा पास करवाने के आदेश के लिए बाबू विनोद दुबे के द्वारा ₹3000 की मांग की गई थी जिसके बाद 15 सो रुपए मैं बात पर हुई थी जिसकी शिकायत आवेदक सोनू सेन रोड के द्वारा 3 दिन पहले लोकायुक्त कार्यालय सागर में जाकर की गई थी जिसके बाद लोकायुक्त कार्यालय सागर से शिकायत की पुष्टि करने के लिए लोकायुक्त टीम का एक कर्मचारी आवेदक के साथ 2 दिन पहले बनवार उप तहसील आया था और रिश्वत लेने की रिकॉर्डिंग करके रिश्वत लेने की शिकायत की पुष्टि यह तत्पश्चात आज 12:00 बजे लोकायुक्त टीम के द्वारा बनवा उप तहसील पहुंचकर आवेदक से पंद्रह ₹1500 की रिश्वत लेते हुए बनवार उप तहसील में पदस्थ बाबू विनोद दुबे को रंगे हाथ पकड़ा है लोकायुक्त पुलिस की कार्यवाही बनवार पुलिस चौकी मैं जा रही है

[सागर लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई]

आवेदक = सोनू सेन पिता कन्हैया लाल सेन 32 वर्ष निवासी रोड तहसील जबेरा जिला दमोह
आरोपी= विनोद दुबे पिता जगदीश प्रसाद दुबे उम्र 49 वर्ष निवासी दमोह पद सहायक ग्रेड 3 रीडर तहसीलदार तहसील कार्यालय जबेरा
रिश्वत राशि =1500 rs
विवरण= आवेदक की जमीन का बैनामा आदेश की कॉपी देने के एवज में ₹1500 की मांग की गई जो आज दिनांक 21/1/2022को ₹1500 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया
घटनास्थल =उप तहसील कार्यालय बनवार जिला दमोह
ट्रैप अधिकारी = निरीक्षक रोशनी जैन

ब्रेकिंग न्यूज़ : दिग्गज नेता अब “जनता पार्टी” से क्यों जुड़ना चाहते हैं


नई दिल्ली : चुनावी समर की हवा इतनी तेज़ चल रही है, जिससे कई मायनो में कोरोना जैसी महामारी भी ध्वस्त हो गयी है। पर चुनाव कराना चुनाव आयोग की विवशता है। आज के समय को देखते हुए जहाँ आम जनता भाजपा, कांग्रेस, सपा, जनता दल, आदि के नाम और नेताओं की कार्यशैली से पुरे तरीके से पक चुकी है और नया चेहरा तलाश रही है। इसी सापेक्ष्य में पुनः एक पुरानी पार्टी जो उभर कर सामने आयी वो आज सबके सामने है, और पुरानी शैली को त्यागकर सामने एक नए स्वरुप में आई है। जनता पार्टी, जनता पार्टी ही एक ऐसी पार्टी रही है जिससे चाहे आप भाजपा कहें या जनता दल या कोई और पार्टी जो जनता पार्टी से निकलकर सामने आयी है।

जब चुनाव आता है तो कुछ प्रत्याशी अपनी पार्टी को छोड़कर सत्ता पक्ष की पार्टी की और अग्रसर हो जाते है , या उस पार्टी की और जो अपने मूलभूत सिद्धांतों में खरी रही है , इसी परिप्रेक्ष्य में पुनः जनता पार्टी के पास भाजपा, सपा , कांग्रेस , आप ,जनता दल , बहुजन समाजवादी पार्टी आदि के कई कद्दावर नेताओं ने पुनः जनता पार्टी के अध्यक्ष विजय रामकिंकर झा से मंत्रणा शुरू कर दी है और जनता पार्टी में प्राण फूंकने को तैयार बैठे हैं। अब देखना यह है की जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय रामकिंकर झा जी क्या निर्णय लेते हैं ?

मानवता की राह में एक कदम (लघुकथा)


रघु के पापा का पूरा जीवन संघर्षों में बिता। जीवन में अनेकों कटु अनुभव हुए। कभी अपनों से तो कभी अत्यधिक अपनत्व के कारण भी जीवन में कड़वे घूँट पीने को विवश होना पड़ा। पापा का जीवन तो अनुभवों की पाठशाला था, पर इन सभी के बावजूद भी पापा ने कभी हमें जीवन में दाम कमाने को महत्व नहीं दिया। वे सदैव कहते थे की नाम कमाओ। उनके इस मूल मंत्र में एक और तथ्य समाहित था संतोष का, क्योंकि अत्यधिक दाम कमाने की प्रवृत्ति आपमे लालच जगा देती है और संतोष का पाठ हम जीवन में भूल जाते है। रघु चाहता तो केवल पैसा कमाने का विकल्प चुन सकता था पर उसने मुक पशुओं के रहने और ईलाज के लिए परिसर निर्मित किया। सभी असहाय पशुओं को कराहते हुए उस परिसर में लाया जाता और उनके उपचार के बाद रघु को जो आत्मिक शांति मिलती वह तो अनमोल थी।

रघु चाहता तो उस धनराशि से कोई दुकान खरीदता और धनराशि में कई सौ गुना वृद्धि कर सकता था, पर वह जीवन में दाम के प्रति लोभी नहीं था। रघु की दीदी पिता की सीख के अनुसार चाहती तो केवल पूरा समय पैसा कमाने पर दे सकती थी पर उन्होने अपने स्कूल में कुछ नवीन प्रयास किए। गरीब बच्चों की शिक्षा और उनके पोषण के लिए धनराशि खर्च की। हर कार्य में सफलता तुरंत मिले यह संभव नहीं है। जब हम सर्वहित में कुछ प्रयास करते है तो कभी-कभी आलोचना और अपशब्द से भी गुजरना होता है, पर सच्चे मन से किए प्रयास कभी भी निरर्थक सिद्ध नहीं होते। रघु का भाई घर-घर जाता था और जिन लोगों के पास भी अतिरिक्त जूते-चप्पल होते थे वह स्वयं उन्हे इकट्ठा करता था और जरूरतमन्द लोगों को दे दिया करता था। वह अपने आप को बीच की कड़ी बनाकर भी मानवता की तरफ कदम बढ़ा रहा था। रघु के एक दोस्त थे और वे काफी समृद्ध थे पर उनकी दिनचर्या का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था प्रातः उठकर सबसे पहले जरूरतमंदों को चाय-नाश्ता वितरित करना। वे यह कार्य अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य अनुसार करते थे। वहीं रघु की माँ भी पूरे दिन में क्षमता के अनुरूप भोजन बनाकर भूखे पशुओं को खिलाती थी।

रघु के एक दूर के रिश्तेदार गली में पलने वाले कुत्तों का ईलाज किया करते थे अर्थात उन्हें खुजली और घाव होने पर दवा देना। रघु की मुँह बोली बुआ नवरात्रि में गरीबों के लिए भंडारा करती थी। यह सब कुछ उनकी श्रद्धा पर निर्भर करता था। रघु के मासाजी जरूरतमन्द मजदूरों को एक समय का भोजन कराया करते थे। वहीं मासीजी गरीब बच्चों को नवीन वस्त्र दिया करती थी। रघु की पत्नी गरीब बच्चों को नैतिक शिक्षा का ज्ञान भी दिया करती थी। उसमें सकारात्मक सोच, ऊर्जावान बने रहना एवं लक्ष्यपूर्ति का संदेश निहित था। रघु की दादी मंदिर में प्रभु सेवा में समय बिताया करती थी। प्रभु के लिए सुंदर रंगोली बनाती थी और प्रभु के लिए बनाया गया प्रसाद जरूरतमंदों को प्रेमपूर्वक खिलाती थी। रघु के पापा ने स्वयं बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों के लिए एक गेस्टहाउस बनाया था, वहाँ पर ईलाज करवाते वक्त पीड़ित और उसके परिवारजन रुक सकते है और उसी के साथ वहाँ पर चाय-पानी, भोजन की भी व्यवस्था प्रदान की जाती थी। रघु के अन्य परिवारजन गर्भावस्था से पीड़ित पशुओं की सेवा किया करते थे क्योंकि वे मातृत्व के समय के दर्द को अच्छी तरह जानते थे, इसलिए मानवीय धरातल पर उन्हें जरूरत के अनुसार भोजन दिया करते थे। रघु से प्रेरित होकर उनके मित्रजन भी अपने बच्चों के जन्मदिवस पर हैंडपम्प एवं अस्पतालों में दवाईया वितरित करते थे। इस तरह रघु के पापा ने मानवता की राह पर एक-एक कदम बढ़ाने को सभी को प्रेरित किया।

इस लघु कथा से यह शिक्षा मिलती है की यदि मन में अनुकूल भाव है तो मानवता की राह में चलने का रूप कोई भी हो सकता है। छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े आयाम रच सकते है। यदि आने वाली पीढ़ी को छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से जोड़ा जाएगा तो मानवता की राह प्रज्वलित होगी और आत्महत्या एवं अवसाद जैसी स्थितियाँ न्यून होगी। आपकी अच्छाई आपको एक नवीन आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। मानवयोनि में सब कुछ मिल जाता है पर शायद सुकून बहुत मुश्किल से मिलता है। यह छोटे प्रयास कुछ क्षण के लिए ही सही मन में सुकून का भाव देते है।

डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका)

People in Love never age, they grow


Love and Respect are two ingredients which fills a couple life with positivity and contentment.

An amazing comfort level gets developed .
There will be difference but there will always be ways to deal with it .And as they say you rise in love and fall in love.

Believe me growing together is amazing . Have faith in union ship. Age is just a number.
You will always find couples who are vibrant, easy to converse and have amazing vibe. Such couples grow together with love and respect
Love and Respect are two ingredients which fills a couple life with positivity and contentment.

People who love despite age never gets old . Who knows what happens after death, can we then not celebrate union-ship everyday. Time, energy, love, compassion, chirpiness, giggles,dealing with crisis all together- it will not remain a bond of two then , that will be a bond of Twenty Two. Imagine much more stronger and happier.

Think about it! Love is all about Loyalty and acceptance and not about slavery and rejection.

Mrs. Iti Chaturvedi Pandey
Founder- Ace your relationship with Iti

Do I know Myself ?


Dear Sheroes,

Do I Know Myself?

“Knowing oneself is like owning yourself, your wisdom and your character” – Richa Chaturvedi

Knowing about yourself is the highest order of wisdom. It brings inner peace, lesser internal conflict between you and your soul and above all this you will have the grit to say NO to those which you don’t want to do. It is the most important and contributing factor behind the quality of our life, our success and abundance. 

But the question here is, How many of us know ourselves? Since we don’t know what we want, our likes, dislikes, tastes, preferences, values, strengths and vision, we end up committing to those things which are not worth our time, effort and energy and get trapped in a vicious circle of inability, failures and dissatisfaction. On our journey towards knowing ourselves we need to first have patience and discipline towards establishing our focus towards attainment of our goals. Once we start to develop an understanding of WHO WE ARE, we tend to waste less time on activities which aren’t taking us anywhere and focus more on things which are critical for our goals. To know yourself, you need to know your building blocks since the time of your childhood. Let’s see the Elements of YOU through an Acronym – P.E.P M.E – (Purpose – Engagement – Passion – My Values – Energy)

  1. P – Purpose – What is My life purpose? Why have I taken birth? What is the meaning of MY Life? When you ask such questions to yourself, your soul will start directing you towards your goals.
  2. E – Engagements – Where do you engage your energy? What activities do you do during the day? Are you a Morning person or Night Person? When do you reach your peak state? Asking such questions will tell you what is that you are doing that is adding value to your life and what activities are just draining your energy.
  3. P – Passion – What passion do you carry? Is your profession the same as your passion? What increases your curiosity? When you ask such questions, you reach nearer to your life purpose because now you will do what you are passionate about and you will see yourself adding value to yourself and to this world.
  4. M – My Value and Belief System – What are your core values? What values do you carry while making decisions? What beliefs do you have? Are they helping you to succeed? or Are they sabotaging your success? When you ask yourself about your values, you will start to understand why you do what you do?
  5. E – Energy – Energy gets generated through your skills, abilities and strengths. What type of energy are you carrying? Is it more positive? or Is it more negative? Which Passions and Purpose takes you to your peak state? Answering this will help in building the most important element of human personality – Wisdom, Confidence and Esteem.

This sounds easier, but it isn’t. It took years for Buddha to become Buddha. It will take time, but with consistency and commitment it shall happen one day. Every step you take you go nearer to your core. And the more you are to your core the less gray areas are there in your personna.

“Once YOU change your PERSPECTIVE, YOU change your LIFE” – Richa Chaturvedi

Comment below, How has your perspective on life changed after you began to know yourself?

Richa Chaturvedi

About Author

Richa Chaturvedi is a Women Empowerment Strategist and Coach and the founder of EmpowHer. Her purpose is to Empower women to find their Identity, connect to their soul, unlock Abundance and attain success in both personal and professional life. She calls them Sheroes, because she feels they are their own heroes.

सतघाटिया के मोड़ पर हुआ दर्दनाक सड़क हादसा, अनियंत्रित होकर पलटी कार एक की मौत


मनोहर शर्मा, दमोह ।
दमोह जबलपुर स्टेट हाईवे पर संग्रामपुर पुलिस चौकी अंतर्गत घटिया पहाड़ी के मोड़ पर बीच जंगल में जबलपुर से दमोह आ रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गयी, इस खतरनाक हादसे में कार में सवार एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई वहीं तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए जवेरा स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जबलपुर रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सिंग्रामपुर चौकी प्रभारी तत्काल ही घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों का रेस्क्यू करके उपचार के लिए जबेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। सिंग्रामपुर चौकी प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया घटना देर रात्रि की है जहां पर सतघटिया मोड पर जबलपुर से फोर्ड कार से दमोह वापिस लौट रहे सिद्दीकी परिवार का वाहन मोड़ पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे सागौन पेड़ के ठूंठ से टकराकर है 25 फीट दूर जाकर पलट गया। इस वाहन में सवार जिसमें सवार 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तुरंत ही उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जबेरा में आपातकालीन वाहन से भेजा गया जहां पर इलाज के दौरान महिला इशरत जहां की मौत हो गई वहीं तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायलों को डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार उपरांत उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मृत महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए दमोह भिजवाया गया है। यह हादसा तेज रफ्तार एवं मोड की वजह से हुआ है।

खोपली सरपंच उप चुनाव में श्रीमती मंजू वर्मा की हुई ऐतिहासिक जीत


उतई/ दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के ग्राम खोपली से भाजपा के मंडल अध्यक्ष फत्तेलाल वर्मा की पत्नी श्रीमती मंजू वर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी ताराचंद साहू को 672 मतों से सरपंच चुनाव हराकर जीत हासिल की।
ज्ञात हो की फत्तेलाल वर्मा सरपंच थे जिन्हे धारा 40 के तहत हटा दिया गया था। तथा तत्काल पंचों से चूनकर प्रभारी सरपंच गजेंद्र कांकड़े बना दिया गया था किंतु फत्तेलाल वर्मा को हाईकोर्ट से स्टे मिल जाने पर बड़ी कोशिशों के बाद चार्ज दिया गया जिसके दो दिन बाद ही कलेक्टर दुर्ग द्वारा पुनः हटाकर चुनाव की घोषणा कर दी गई । आज हुवे चुनाव में अंततः उनकी पत्नी मंजू वर्मा ने जीत दर्ज की।
लोगों ने चर्चा के दौरान बताया कि सत्ता व प्रशासन का दुरुपयोग करते हुवे फत्तेलाल वर्मा को हटाया गया था ।जिससे यह स्पष्ट है की उन पर हुई प्रशासनिक कार्यवाही को मंत्री के इशारे पर की गई प्रशासनिक दादागिरी मानते हुवे जनता ने उन्हें सर आंखों लेते पुनः उनकी पत्नी के पक्ष में जानदेश दिया।
रिजल्ट के दौरान अप्रिय स्थिति ना बने इसे देखते हुवे पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया था।समर्थकों ने रिजल्ट आने के बाद सत्ता विरोधी नारे भी लगाए।

(पाटन से मनोज साहू की रिपोर्ट)

छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के 16,625 आश्रितों को किया गया अनुग्रह राशि का भुगतान – जयसिंह अग्रवाल


अनुदान सहायता हेतु पूरे राज्य से प्राप्त हुए 21,043 आवेदन

कुल पात्र आवेदनों की संख्या रही 18,123

16,625 आवेदकों को किया जा चुका है अनुग्रह राशि का भुगतान

कुल 83 करोड़, 12 लाख और 50 हजार राशि का किया जा चुका है भुगतान

शेष 1,498 आवेदन अभी हैं प्रक्रियाधीन

प्रत्येक हितग्राही को भुगतान किए गए 50 हजार

कोरबा – छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदेश सरकार की ओर से किए जाने वाले आर्थिक अनुदान सहायता राशि के संबंध में प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के संबंधित अधिकारियों को निदेर्शित किया था कि प्राथमिकता के आधार पर परिवार के आश्रितों को अनुदान सहायता राशि का भुगतान जारी किया जाए। इस संबंध में मंत्री जयसिंह अग्रवाल द्वारा विभागीय अधिकारियों से स्थिति का जायजा लेने पर दिनांक 31 दिसम्बर, 2021 तक की स्थिति से उन्हें अवगत कराते हुए जानकारी दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य से कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रित सदस्यों व परिजनों से कुल 21,043 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनकी जांच पड़ताल करवाई गई। पड़ताल के बाद कुल 18,123 आवेदनों को अनुदान सहायता राशि प्राप्त करने के लिए पात्र पाया गया। इनमें से सर्वाधिक मामले 4187 पात्र आवेदन दुर्ग जिला से थे जबकि सबसे कम मामले नारायनपुर जिला से थे जिनकी संख्या मात्र 21 थी। सभी पात्र आवेदकों को राज्य सरकार के आपदा मोचन निधि द्वारा 50-50 हजार रूपये की अनुग्रह राशि का भुगतान किया किया गया है। इस प्रकार से 31 दिसम्बर, 2021 तक निराकृत कुल आवेदनों के लिए 83 करोड़़, 12 लाख और 50 हजार की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बताया गया है कि कुल पात्र 18,123 आवेदनों में से 31 दिसम्बर, 2021 तक की अवधि में कुल 16, 625 पात्र आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है और शेष 1,498 आवेदन अभी भी प्रक्रियाधीन हैं जिनका शीघ्र निराकरण करने के लिए राजस्व मंत्री ने विभागीया अधिकारियों को निर्देशित किया है ।

(पाटन से मनोज साहू की रिपोर्ट)