सौगन और कमल के पत्तों पर भोजन करने के फायदे

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पत्तों पर भोजन: भारत के अलग-अलग राज्यों में अपनी-अपनी परंपराएं प्रचलित हैं। इन परंपराओं में से एक परंपरा है पत्ते पर खाना। हालांकि अब लोग मॉडर्न हो गए हैं और अब प्लेट में खाना खाते हैं। लेकिन आज भी कई ऐसे राज्य हैं जहां पर चादर पर खाना खाया जाता है। दक्षिण भारत में पत्राचार पर इस्तेमाल किया जाता है। इस परंपरा के पीछे बहुत बड़ा स्वास्थ्य लाभ छिपा हुआ है। दरअसल कई लोग पत्ते को पवित्र और पूजनीय मानक खाने पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं लेकिन आज हम आपको कुछ पत्ते और उन पर खाने से मिलने वाले फायदों के बारे में बताते हैं

कमल के पत्ते-कमल के पत्ते पर खाना खाने की सेहत के काफी हद तक लाभ माना जाता है। रेटिंग का मानना ​​है कि कमल के पत्ते से हार्टबीट कंट्रोल रहता है। इस पर खाना खाने का फायदा यह भी है कि इससे ब्लड सरकुलेशन बैलेंस रहता है। यही कारण है कि आज भी कई जगहों पर खाना पकाने और खाना पकाने दोनों के लिए कमल के पत्ते का उपयोग किया जाता है। जाता है।

कटहल के पत्ते – कटहल के पत्तों पर भी खाने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा मौजूद होती है। इस वजह से इस पर खाने से खाने में मौजूद एंटी कैंसर तत्व बॉडी में इंटर होते हैं। ये एंटी कैंसर तत्व बॉडी में कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं। इसके अलावा कटहल के पत्तों पर खाने से दिल डिजीज को भी राहत मिलती है।

सागौन के पत्ते – सागौन पत्ते के बारे में भले ही बहुत कम लोग सहज हों लेकिन बड़े बुजुर्ग इसके पत्ते को काफी लाभ के दावे हैं। सागौन के फाइबर से भरपूर होते हैं। इस पत्ते में कसैले गुण पाए जाते हैं और कसैले गुण त्वचा के लिए बहुत ही लाभ होते हैं। यह स्किन को ग्लो बनाता है। इसमें विटामिन सी पाया जाता है जो त्वचा को उत्तेजित करता है और निखारता है।

केले पत्ते-केले के पत्ते पर भी खाने से काफी आनंद मिलता है। आज भी दक्षिण भारत में केले के पत्ते पर ही भोजन परोसने की परंपरा है। इससे फोड़े फुंसी की बीमा सुरक्षा होती है। पेट से संबंधित बीमारियां जैसे कब्ज, अपच, गैस के बैक्टीरिया दूर होते हैं, वास्तव में केले के पत्ते में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो आपको इससे बचाते हैं।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए नुस्खे, तरीके और सलाह पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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Umesh Solanki

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