मध्य प्रदेश हनी ट्रैप मामला: एसआईटी ने कोर्ट में पेश किया मामले का वीडियो एन | MP: बंद कमरे में देखे जाएंगे हनी ट्रैप से जुड़ा वीडियो, SIT ने कहा

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 मध्य प्रदेश हनी ट्रैप मामला: एसआईटी ने कोर्ट में पेश किया मामले का वीडियो एन |  MP: बंद कमरे में देखे जाएंगे हनी ट्रैप से जुड़ा वीडियो, SIT ने कहा
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सांसद हनी ट्रैप मामला: मध्य प्रदेश का बहुचर्चित मामला हनी ट्रैप से एक बार फिर चर्चा में आया है। सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री ने हनीट्रैप से जुड़े लोगों को ऑरिजनल बताया है। मामले से जुड़ी सीडी को तीन साल बाद भोपाल के कोर्ट में पेश किया गया है। स्पेनिश जांच टीम ने कोर्ट में यह अर्जी दी है कि सीडी में वीडियो इंट्रेस्ट हैं इसलिए इस मामले की सुनवाई चैंबर में बंद की जाए। एस ने अर्जी को भड़काया कि इस सीडी को बंद चैंबर में देखने के दौरान और दोनों पक्षों के वकील मौजूद हैं। एसआईटी ने कहा कि इस सीडी में मिले लोगों से जिन लोगों ने संबंध बनाए थे वे सभी लोग इस सीडी में नजर आ रहे हैं।

2019 में हनी ट्रैप का केस लगा था

बता दें कि 17 सितंबर 2019 को इंदौर में हनी ट्रैप का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन पीड़ित के पिता ने भोपाल में दबिश देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी छोटे शहर में है, उसके भोपाल के कुछ युवकों ने गलत काम में फंसाया कर लिया।

15 मई को कोर्ट में पेश की सीडी

हनीट्रैप से जुड़ा यह सीडी एसआईटी ने 15 मई को भोपाल में पेश किया है। एस हेड एडीजी विपिन माहेश्वरी के पत्र के साथ वीडियो वाली ये हार्ड डिस्क भोपाल में जज स्मृता सिंह ठाकुर की अदालत में पेश की गई है। एस ने इस मामले में भोपाल के श्वेता विजय जैन और आरती दयाल के खिलाफ एक पुरुष तस्कर का मामला दर्ज किया था।

सीडी में 5 से ज्यादा अंतर पल

हनीट्रैप से जुड़ी इस सीडी में पांच से ज्यादा अंतर पल रिकॉर्ड किए गए हैं। इन वीडियो के आधार पर एसआईटी कोर्ट में ये प्रमाणित करने की कोशिश की गई कि होस्ट को अलग-अलग लोगों के पास भेजकर उनके अंतर पलों के वीडियो रिकार्ड किए जा रहे थे। होस्ट ने भी शुरुआत में स्वीकार किया था कि उसे प्रभावशाली लोगों के पास भेजकर उसका वीडियो बना रहे थे। ये वीडियो दिखाकर उन प्रभावशाली लोगों को ब्लैकमेल किया गया था। हालांकि बाद में कोर्ट ने कोर्ट में उनके बयान बदल दिए थे। जमाबंदी ने बयान दिए थे कि पुलिस के दवाब में उसने ऐसा कहा था।

पांच युवकों को हुई गिरफ्तारियां

बता दें हनीट्रैप से जुड़े इस मामले में 17 सितंबर 2019 को इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह द्वारा ब्लैकमेल की शिकायत पर सामने आया था। हनीट्रैप और ब्लैकमेल कर हरभजन सिंह से तीन करोड़ रुपए आरोप में पुलिस ने इंदौर भोपाल से पांच युवकों को गिरफ्तार किया था। इन युवतियों में आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता जैन पति विजय जैन, श्वेता जैन पति स्वप्रिल जैन और बरखा सोनी ड्राइवर सहित ओमप्रकाश कोरी को भी किया था।

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Umesh Solanki

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