Home Lifestyle गायत्री जयंती 2023 दिनांक गायत्री मंत्र विधि उपाय विद्यार्थी सफलता के लिए

गायत्री जयंती 2023 दिनांक गायत्री मंत्र विधि उपाय विद्यार्थी सफलता के लिए

0
गायत्री जयंती 2023 दिनांक गायत्री मंत्र विधि उपाय विद्यार्थी सफलता के लिए

[ad_1]

गायत्री जयंती 2023: वेद माता गायत्री का जन्मोत्सव हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इसे गायत्री जयंती कहते हैं। इस साल गायत्री जयंती 31 मई 2023 को है, इसी दिन निर्जला एकादशी का व्रत भी है. ‘भासते सततं लोके गायत्री त्रिगुणात्मिका॥’ गायत्री संहिता के अनुसार गायत्री माता सरस्वती, लक्ष्मी एवं काली का प्रतिनिधित्व करती हैं।

जो साधक मां गायत्री की पूजा करती है उन्हें इन तीनों देवियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। विशेष रूप से छात्रों के लिए गायत्री जयंती का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन कुछ खास उपाय छात्रों को हर कदम पर सफलता दिलाते हैं। आइए जानते हैं गायत्री जयंती के उपाय और गायत्री मंत्र की महिमा।

बच्चों के लिए गायत्री मंत्र है सफलता की कुंजी (गायत्री मंत्र का महत्व)

‘ॐ भूर्भव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्। ‘

धर्म रीलों

इस महामंत्र का अर्थ- ‘उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, रमण, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अंतःकरण में धारण करते हैं। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करें।

चमत्कारिक गायत्री मंत्र में चौबीस अक्षर हैं यह 24 अक्षर चौबीस शक्तियां-सिद्धियों के प्रतीक हैं, इसलिए गायत्री मंत्र को सर्वशक्तिशाली माना जाता है, ये सभी मंत्रों में श्रेष्ठ है। कॉपीटिशन के इस दौर में बच्चों पर मानसिक तनाव अधिक होता है जो उनकी बुद्धि के साथ सेहत पर भी बुरा असर डालता है। मान्यता है कि रोजाना 7 बार जाप करने से छात्रों का हर तरह का मानसिक तनाव दूर हो जाता है। गायत्री जंयती के दिन विधिपूर्वक विधि से इससे हर परेशानी दूर हो जाती है।

गायत्री जंयती पर छात्र करें ये उपाय (छात्र के लिए गायत्री जयंती उपाय)

  • गायत्री जयंती के दिन छात्र सूर्योदय से पूर्व स्नान के बाद पूजा स्थल पर पूर्व दिशा में मुख करके बैठें। बैठने के लिए कुशा या लाल रंग के आसन का उपयोग करें।
  • जापान से पहले ब्रेज़ेन के अक्षरों में गंगाजल भरकर, तुलसी डालें और अपने तरीके से लें।
  • अब जंगल का दीपक जलाकर रुद्राक्ष की माला से 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें।
  • जापानी जल को अपने शौंक में छिड़कें और तुलसी पत्र का सेवन करें। मान्यता है कि नियमित रूप से ऐसा करने पर बच्चों की बुद्धि प्रखर होती है और लंबे समय तक विषय याद करता है, तार्किक क्षमता में वृद्धि होती है।

गंगा दशहरा 2023: गंगा दशहरा पर बन रहे हैं 3 अद्भुत योग, गंगाजल के इस उपाय से दूर होगी आर्थिक तंगी

अस्वीकरण: यहां बताई गई जानकारी सिर्फ संदेशों और जानकारियों पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी विशेषज्ञ की जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित सलाह लें।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here