जूसी लीची सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है लेकिन क्या डायबिटीज में इसे खाना ठीक है

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क्या मधुमेह में लीची खाना ठीक है: लीची खाने में मीठी और रसीली होती है। ये सिर्फ ना स्वाद वाली होती है बल्कि पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो कि कई सारे स्वादिष्ट तत्वों से भरपूर होती है। आप लिंक्स पर गिनते-गिनते थक जाएंगे लेकिन लीची के फायदे काम नहीं करेंगे। ये सवाल मन में जागना स्वाभाविक है कि क्यों खाने वाले लोगों को मीठा खाना माना जाता है। ऐसे में लीची का मीठा स्वाद लोगों में संदेह पैदा करता है। इस लेख में हम जानेंगे की लीची खाने वालों को खाना कितना सुरक्षित है?

क्या लीची संवाद के लिए सुरक्षित है?

मानदंड का कहना है कि लीची में पोषक तत्व की सही होती है जो शुगर स्पाइक नहीं होता है। इसके साथ ही इसमें विटामिन सी और फाइबर की भी अच्छी मात्रा होती है जो कि सब्जियों में लाभकारी होती है। इसका ग्लिसमिक माध्यम होता है, जो इसे शुगर पेशेंट के लिए सुरक्षित बनाता है। लीची में कई ऐसे बायोएक्टिव तत्व होते हैं जो शुगर लेवल को कंट्रोल रखते हैं तो ऐसे में शुगर के मरीज अपने आहार में लीची को शामिल कर सकते हैं। लेकिन सीमित मात्रा में। आपको बता दें कि 55 से कम ग्लिसमिक ग्लोब वाले फल या पोषक पदार्थ धीरे-धीरे पचते हैं।

इससे वो धीमी गति से ब्लड में चीनी रिलीज होती है और ब्लड शुगर स्पाइक दिखाई देता है। लीची में फाइबर भी अधिक होता है। इस वजह से अचानक होने वाले शुगर स्पाइक को रोकने में मदद कर सकता है। इसके अलावा लीची में शुगर फ्रुक्टोज होता है। इसलिए ये लाइन के लिए सुरक्षित माना जा सकता है। क्योंकि इसे मेटाबॉलिज्म के लिए जिलेटिन की आवश्यकता नहीं है। जिन लोगों की शुगर हाई है वो सीमित मात्रा में इसका सेवन करें और जिन्को शुगर लो रहता है वो लीची का सेवन करेगा तो शुगर नॉर्मल हो जाएगी।

लीची के और भी फायदे

1.लीची में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट, टी फाइबर, चमचमाती मात्रा में होता है। इसके सेवन से पाचन दुरुस्त रहता है। कब्ज से राहत मिलती है।

2.लीची में पोटेशियम की भी मात्रा ज्यादा होती है, जो बीपी के मरीजों के लिए यह सूक्ष्म रूप बनाता है। इससे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

3.विटामिन सी से भरपूर लीची का सेवन करने से रोग संबंधी क्षमता मजबूत होती है।

4. लीची ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत है जो थकान को दूर करने में मदद करता है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताई गई विधि, तरीके और सलाह पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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Umesh Solanki

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