Home Lifestyle जगन्नाथ यात्रा 2023 स्नान अनुष्ठान महत्व भगवान जगन्नाथ हर साल 15 दिनों तक बीमार क्यों रहते हैं

जगन्नाथ यात्रा 2023 स्नान अनुष्ठान महत्व भगवान जगन्नाथ हर साल 15 दिनों तक बीमार क्यों रहते हैं

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जगन्नाथ रथ यात्रा 2023, ज्येष्ठ पूर्णिमा: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि अति विशेष रूप से निर्धारित की जाती है। वैसे तो हर महीने की पूर्णिमा विशेष होती है लेकिन ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा अधिक महत्वपूर्ण होती है। इस दिन भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम गृभग्रह से निकलते हैं और पूर्णिमा पर उन्हें सहस्त्र स्नान कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

फिर शाम को श्रृंगार के बाद 15 दिन के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि पूर्णिमा स्नान के बाद ऐसा क्या होता है कि चंद्रमा के दिनों तक भक्तों को भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने से रोका जाता है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा होती है जगन्नाथ जी का सहस्त्रस्नान (ज्येष्ठ पूर्णिमा 2023 जगन्नाथ जी स्नान)

धर्म रीलों

जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यात्रा से पहले कई परंपराएं निभाई जाती हैं जिसकी शुरुआत ज्येष्ठ पूर्णिमा से होती है। इस दिन जगन्नाथ दी के साथ बलभद्र और देवी सुभद्रा की परत को गर्भगृह से स्नान बाजार में लाया जाता है। पानी में सुंगधित फूल, चंदन, केसर, कस्तुरी, औषधियां मिलाई जाती है और फिर 108 घड़ों से इन्हें स्नान कराया जाता है। इसे सहस्त्रस्नान के नाम से जाना जाता है।

15 दिन जगन्नाथ जी के दर्शन नहीं कर रहे भक्त

पौराणिक शब्दावली के अनुसार पूर्णिमा के दिन पानी से नहाने के कारण भगवान बीमार हो जाते हैं, उन्हें बुखार हो जाता है। इसके कारण भगवान 15 दिनों तक शयन कक्ष में विश्राम मुद्रा में रहते हैं। कहते हैं जैसे अस्वस्थ होने पर उनका इलाज होता है वैसे ही जगन्नाथ जी का भी एकांत में उपचार किया जाता है। इस दौरान उन्हें कई औषधियां दी जाती हैं। घटक भोजन जैसे खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। दवाई के रूप में काढ़ा पिलाया जाता है। यह परंपरा हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा से शुरू होती है, इस बार दो दिन 3 और 4 जून को पूर्णिमा तिथि पड़ रही है।

जगन्नाथ जी की रथ यात्रा 2023 कब ? (जगन्नाथ रथ यात्रा 2023 तिथि)

जगन्नाथ पुरी में रथ यात्रा की शुरुआत हर साल आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की दूसरी तिथि से होती है। उसी समय शुक्ल पक्ष के 11वें दिन जगन्नाथ जी की वापसी के साथ इस यात्रा का समापन होता है। इस साल जगन्नाथ जी की रथ यात्रा 20 जून 2023 को निकलेगी। कहते हैं इस दौरान भगवान अपने भक्तों का सुख-दुख जानने पर विचार करते हैं।

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