[ad_1]

ईयरफोन के लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण लड़के की सुनने की क्षमता चली गई: तकनीक ने हमारे जीवन को काफी आसान कर दिया है। ये तकनीक ही है जो आपके काम को आसान कर देती है। हालांकि इसी तकनीक के युवा अधिकृत हो गए हैं। हम बात कर रहे हैं ईयरफोन की…इसका उपयोग इतना अधिक बढ़ गया है कि सोते जागते, खाते पीते ये हर किसी के कान में नजर आती है। मेट्रो लगा में लंबा सफर करने वाले लोग इसे कर घंटो सफर करते हैं। हैं.साफ शब्दों में कहा गया है तो ईअरफ़ोन माइक नीड बन गया है। हालांकि यही आदतें युवाओं पर भारी पड़ रही हैं। ये बात तो पहले ही बता देते हैं कि ईयरफोन दिमाग और कान दोनों को बुरी तरह से प्रभावित करता है लेकिन हाल ही में हुई एक घटना ने इसे और भी पुख्ता कर दिया है।

तीन सर्जरी के बाद सुनने की क्षमता वापस आती है

दरअसल यूपी के गोरखपुर का एक 18 साल का लड़का लंबे समय तक आंखों में फोन लगाने के कारण बहरेपन का शिकार हो गया, बताया जा रहा है कि 18 साल के लड़के को लगाने में इंफेक्शन हो गया और सुनने की क्षमता चली गई। जिसके बाद पीड़ित लड़के की दो सर्जरी हुई। दो सर्जरी के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ तो पीड़ित दिल्ली संदेश और फिर डॉक्टरों ने ग्रेविटास को देखते हुए इं प्लांट लगाने की सामान्य सुनने की क्षमता बहाल हो गई है। पूरे इलाज के टैटू में लगभग लदान लाख रुपए का खर्च आया है

ईयरफोन शेयर करने के कारण बढ़ा इंफेक्शन

आपको बता दें कि पीड़ित लड़का 8 से 10 घंटे तक आईफ़ोन का इस्तेमाल करता था इसके अलावा वो अपना फ़ोन दोस्तों के साथ भी शेयर करता था..वहीं डॉक्टर का कहना है कि ईयरफ़ोन शेयर करने के कारण ही लड़के की कंडिशन बहुत खराब हुई.इसकी वजह साइट से इन्फेक्शन हो गया। जब वो ईयरफोन लगता था तो कान बंद हो जाते थे। इससे कान के अंदर बैक्टीरिया को बढ़ाने और मदद मिली। शुरुआत में केवल कानों में दर्द होता था लेकिन बाद में आंखों से पढ़ाई भी होने लगती थी।

3 घंटे से ज्यादा ईयरफोन का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है

डॉक्टर का कहना है कि चाहे आप गाना सुन रहे हों या कॉल पर बात कर रहे हों 2 से 3 घंटे से ज्यादा ईयरफोन का इस्तेमाल करना सही नहीं है। इससे ज्यादा अगर इस्तेमाल करते हैं तो आपके सुनने की क्षमता हो सकती है। समान ईएनटी मानदंड ने यह भी बताया कि जब से घर से काम करना और घर से पढ़ाई करना चलन होता है तब से किशोरों में कान की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। आपके कान में सिकुड़न हो जाती है और ईयर कैनाल में इंफेक्शन हो जाता है, जिससे वेंटिलेशन की भी जरूरत होती है। इसे लंबे समय तक बंद करने से पानी पीना बंद हो जाता है और संक्रमण हो जाता है

यह भी पढ़ें: खतरनाक हो सकता है पपीता और नींबू का मेल… ‘जहर’ की तरह करता है काम

नीचे स्वास्थ्य उपकरण देखें-
अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की गणना करें

आयु कैलक्यूलेटर के माध्यम से आयु की गणना करें

[ad_2]

Source link

Umesh Solanki

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *