नसीरुद्दीन शाह के लिए पुरस्कार कोई मायने नहीं रखता इस पुरस्कार के लिए ललित अभिनेता को शौचालय के हैंडल जैसा महसूस हुआ अधिक जानकारी के लिए जानें

0
60
Spread the love


नसीरुद्दीन शाह: हाल ही में नसीरुद्दीन शाह ने बताया है कि उनके लिए इन दिनों होने वाले विशेषण फैंटेसी कोई मायने नहीं रखता। साथ ही उन्हें अपनी प्रामाणिकता के लिए जो सत्य मिले हैं वे सभी नसीरुद्दीन शाह के शौचालय के दरवाजे के हैंडल पर टंगे हुए हैं।

नसीरुद्दीन शाह ने किया खुलासा

नसीरुद्दीन शाह ने बड़े ही बेबाकी से कहा कि उनके लिए फिल्मफेयर जैसे रेटिंग्स बिल्कुल भी मायने नहीं रखते। नसीरुद्दीन शाह का एक फॉर्महाउस है जिसके टॉयलेट के हैंडल पर ये सभी प्रमाण लटके हुए हैं। ये कई सारे दावे हैं जो अभिनेता को फिल्मों में बेहतरीन काम करने के लिए मिले थे।

ट्रॉफी को पहले हाथ में पकड़कर खुश हुए थे नसीरुद्दीन

लल्लनटॉप के मुताबिक, नसीरुद्दीन शाह ने बताया- ‘इन ट्रॉफियों की कोई कीमत नहीं है मेरे लिए, पहली बार जब मिली थी तो मैं खुश हुआ था। फिर मुझे कई आंकड़े पर मिले। ये मेरे करियर की शुरुआत में हुआ। फिर मुझे पता चला कि ये जो हिट हैं ये लॉबी का नतीजा हैं। ये आपके काम की वजह से आपको नहीं मिल रहे हैं।’

पद्मश्री-पद्मभूषण मिलने पर गर्व था

एक्टर ने आगे बताया- ‘फिर मैंने उन्हें कहीं रख दिया। अब फिर मुझे पद्मश्री, पद्मभूषण मिले तो मुझे अपनी वालिदा की बहुत याद आई, जो गुजरे थे और हमेशा इस फिक्र में रहते थे कि तुम ये निकम्मों का काम करते हो। मैं राष्ट्रपति भवन में था तो मैंने कहा बाबा आप देख रहे हो कि नहीं। तो वो देख रहे थे और बड़े खुश हो रहे थे। उस बात की मुझे खुशी है लेकिन जो कॉम्पिटिटिव सब्सक्राइब्स शो होते हैं जो मुझे सख्त नफरत है।’

कॉम्पिटिटिव बाइट्स शो से द्वेष करते हैं नसीरुद्दीन शाह

‘क्योंकि किसी भी अभिनेता ने अपनी जान कर काम किया है वो भी सबसे अच्छा अभिनेता है। आप डोकिंग में से एक बंद निकाल कर बोलो कि ये सबसे अच्छा है तो ये कहां से जायज हुआ। बल्कि जो मुझे आखिरी दो मिल रहे थे मैं वो भी नहीं गया। मैंने जो फॉर्महाउस बनाया है तो सोचा कि उन्हें यहां लगाऊं कि जो भी पूर्वाह्न होगा उसे दो होंगे। दोनों हाथों से दरवाजा खोलने पर दो फिल्मी फेयर बनते हैं।’

ये भी पढ़ें: देखें: नाराज होने के कुछ दिन बाद ही पायल मलिक पति अरमान के साथ वर्कआउट करती हूं, लोग बोले- कुछ दिन तो रुक जाएं



Source link

Umesh Solanki

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here