Home Lifestyle स्ट्रॉबेरी मून के बाद बक मून 2023 जुलाई में आषाढ़ पूर्णिमा पर देखा गया, जानिए विवरण

स्ट्रॉबेरी मून के बाद बक मून 2023 जुलाई में आषाढ़ पूर्णिमा पर देखा गया, जानिए विवरण

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बक मून 2023 तिथि, समय और महत्व: ज्येष्ठ पूर्णिमा (ज्येष्ठ पूर्णिमा 2023) के दिन 3 जुलाई की रात ग्लोबल मून का बेहद खास और अद्भुत नजारा देखा गया, जिसे स्ट्रॉबेरी मून (Strawberry Moon) कहा जाता है। अब स्ट्रॉबेरी मून के बाद जुलाई महीने में आषाढ़ पूर्णिमा (Ashadha Purnima 2023) के दिन बक मून या थंडर मून देखा जाएगा.

चांद का दीदार करना अच्छा किसी से पसंद नहीं होता। बच्चे से लेकर बड़े पैमाने पर चांद की रोशनी और खूबसूरती को देखकर मोहित हो जाते हैं। लेकिन पूर्णिमा के चांद की बात ही कुछ अलग होती है। तो इस साल का सबसे बड़ा चांद देखने के लिए आप तैयार हो जाइए, जोकि जुलाई के में दिखाई देगा। इसे बक मून, सुपरमून, हे मून, डायर मून, वर्ट मून, थंडर मून भी कहा जाता है।

बक मून क्या होता है

धर्म रीलों

बक मून (बक मून) या सुपरमून (सुपर मॉन) जुलाई के महीने में दिखाई देता है। पंचांग के अनुसार इसे हर साल आषाढ़ महीने की पूर्णिमा के दिन देखा जा सकता है। इस साल बक मून का खूबसूरत और अद्भुत नजारा 3 जुलाई 2023 को दुनियाभर में देखा जा सकता है।

स्ट्रॉबेरी मून के बाद अब बक मून

स्ट्रॉबेरी मून के बाद अब जुलाई में बक मून दिखेगा। बक मून स्ट्रॉबेरी मून से भी दीखता है। इसलिए इसे सुपरमून कहा गया है। क्योंकि स्ट्रॉबेरी मून में मून अर्थ से 3,60,000 किलोमीटर या फिर इससे कम दूरी पर होता है। वहीं बक मून के दौरान चांद और पृथ्वी की दूरी 357, 264 किलोमीटर या इससे भी कम हो सकती है। बता दें कि आमतौर पर चंद्रमा से पृथ्वी की दूरी 406,300 होती है। लेकिन जब यह दूरस्थ घटने लगती है तो चंद्रमा की भव्यता घटित होती है।

बक मून क्यों कहते हैं

जुलाई महीने के सुपरमून को बक मून भी कहा जाता है। यदि आप सोचते हैं कि इसे वास्तविक रूप से बक मून क्यों कहा जाता है, तो इसका कारण यह है कि जून-जुलाई के महीने में गैर हिरण बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं और इस दौरान वह अपने सबसे बड़े आकार में होते हैं। बक मून नामित अमेरिकियों द्वारा दिया गया है। वहीं इसे थंडर मून भी कहा जाता है, क्योंकि इस महीने गरज के साथ बारिश भी होती है। चीन में इसे कमल मन्थ भी कहते हैं। क्योंकि जुलाई में यहां इस नाम के फूलना शुरू होते हैं। वहीं भारत में इसे आषाढ़ पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा 2023) कहा जाता है और इस दिन महर्षि वेद व्यास जी की जयंती ((महर्षि वेद व्यास जयंती 2023)) मनाई जाती है।

बक मून के बाद जानिए इस साल कब अन्य फुलमून (पूर्णिमा)

  • जुलाई 2023: बक मून (बक मून)
  • अगस्त: सटरगन मून (स्टर्जन मून)
  • सितंबर: हार्वेस्ट मून या कॉर्न (हार्वेस्ट मून)
  • अक्टूबर: हंटर मून (हंटर का चाँद)
  • नवंबर: बेवर मून (बीवर मून)
  • दिसंबर: कोल्ड मून (Cold Moon)

ये भी पढ़ें: स्ट्रॉबेरी मून 2023: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर चांद का सबसे अनोखा दीदार, आसमान में अद्भुत ‘स्ट्रॉबेरी मून’

अस्वीकरण : यहां दर्ज़ सूचना साइटकेशन और जानकारियों पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी विशेषज्ञ की जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित सलाह लें।

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