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महाभारत: कौरवों और पांडवों के बीच हुआ महाभारत युद्ध को सबसे विनाशकारी युद्ध माना जाता है। महाभारत के युद्ध में कौरव अर्धम और पांडव धर्म के साथ कुरुक्षेत्र के मैदान में लड़े। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में लड़े गए इस विशाल युद्ध में देश-दुनिया की सेना ने हिस्सा लिया था। इसे पहले दौर का प्रथम विश्व युद्ध भी कहा जाता है।

क्या आप जानते हैं महाभारत युद्ध कितने दिनों तक चला था, इसमें कितने सैनिक और योद्धा मारे गए थे। आइए जानते हैं महाभारत युद्ध की महत्वपूर्ण और रोचक जानकारी।

महाभारत युद्ध किस दिन तक चला था? (महाभारत युद्ध काल)

कुरुक्षेत्र के करीब 40 किलोमीटर के दायरे में महाभारत युद्ध 18 दिनों तक चला था। इस युद्ध में स्वयं भगवान कृष्ण भी शामिल थे। लेकिन उन्होंने हथियार उठाने का प्रण लिया था इसलिए वह अर्जुन के सारथी बने। आर्यभट्ट के अनुसार महाभारत युद्ध 18 वर्ष 3102 ईसा पूर्व हुआ था।

महाभारत युद्ध में मारे गए थे इतने बड़े सैनिक (Mahabharat War Soldier)

महाभारत युद्ध के दौरान ऐसा कोई राजा नहीं बचा था जो इस भीषण युद्ध का हिस्सा न बना हो। यहां तक ​​कि रानियां भी अपने स्तर से इस युद्ध में शामिल हुईं। महाभारत युद्ध में करीब सवा करोड़ योद्धा-सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे। इनमें से करीब 70 लाख कौरव पक्ष से तो 44 लाख लोग पांडव सेना से मारे गए थे। महाभारत युद्ध को लेकर कहा जाता है कि यहां इतना खून बहा कि अब तक वहां की मिट्टी लाल है।

महाभारत युद्ध में कितने लोग बचे हैं

महाभारत युद्ध के अंत में पांडवों की ओर से पांचों भाइयों समेत 14 लोग जीवित बचे हैं। वहीं कौरवों की ओर से जीवित रहने वालों में द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वथामा, कृत वर्मा और कौरवों और पांडवों के गुरु कृपाचार्य थे। धृतराष्ट्र और एक दासी पुत्र युयुत्सु भी इस युद्ध में जीवित थे, युयुत्सु धृतराष्ट्र के पुत्र होने की वजह से युयुत्सु भी कौरव ही था, लेकिन धर्मात्मा होने से उसने पांडवों की तरफ युद्ध किया था।

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