विश्व रक्तदाता दिवस: कौन रक्तदान नहीं कर सकता और कौन सी बीमारी होने के बाद कभी रक्त नहीं दे सकता

0
33
Spread the love


‘रक्त दान महा दान’ यह लाइन आपने अस्पताल की दिवारों और सड़कों पर लिखा अक्सर देखा होगा। रक्त दान करना सच में एक अच्छा काम है। इसलिए इसे खास बनाकर इसे जागरुकता फैलाने के लिए हर साल 14 जून को वर्ल्ड ब्लड डोनर डे के रूप में मनाया जाता है।  ब्लड डोनेट करके आप किसी की जान बचा सकते हैं। वहीं इसे लेकर लोगों में कई मिथ भी है कि ब्लड डोनेट करने से शरीर में खून की कमी हो जाती है। कमजोरी हो गई है। आज हम आपको इससे जुड़ी सभी मिथक और सच्चाई सामने लाने का प्रयास करेंगे। 

ब्लड डोनेट करने के होते हैं ये फायदे

रक्तदान करने से न केवल हम ही किसी व्यक्ति की मदद करते हैं जो रक्त की जरूरत है बल्कि हम अपने शरीर और समाज के लिए भी चारो तरफ काम कर रहे हैं। आज आप एक्सट्रा ब्लड डोनेट करने के फायदे।

रक्तदान करने से आपका स्ट्रेस कम होता है

आप इमोशनली स्ट्रॉन्ग होते हैं। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ब्लड डोनेट करने से शरीर में अतिरिक्त आयरन होता है जिसे वह निकल जाती है

ब्लड डोनेट करने से 88 प्रतिशत हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। 

ब्लड डोनेट करने से आपके अंदर जो हैप्पी हार्मोन होते हैं वो सक्रिय हो जाते हैं और आप दिमागी रूप से स्वस्थ होते हैं। . 

कौन कर सकता है ब्लड डोनेट

ब्लड डोनेट करने के लिए सबसे पहले यह मायने रखता है कि आप अंदर से हेल्दी है या नहीं। एक बीमार इंसान ब्लड नहीं दे सकता है। जिसे अपना खून की कमी हो। 

ब्लड डोनेट करने के लिए आपकी उम्र 18 साल की होनी चाहिए

वजन 50 किलो होना चाहिए इससे कम वजन वाले ब्लड नहीं दे सकते।  

पुरुष अगर ब्लड डोनर है तो वह 90 दिन के बाद ही उसे वापस ब्लड दे सकता है

महिला ब्लड डोनर 120 दिन के बाद ही ब्लड डोनेट कर सकती है। 

ब्लड डोनेट के दौरान किसी व्यक्ति की नब्ज 60 से 100 बीपीएम के बीच होनी चाहिए।

व्यक्ति का स्तर 12.5 से अधिक या बराबर होना चाहिए। 

< p>ये लोग ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं

यदि आपको कोई बड़ी या गंभीर बीमारी है और दवा चल रही है या इलाज चल रहा है तो ऐसे लोग ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं. 

जिन लोगों ने हाल ही में टैटू बनवाया है वो ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं।

किसी ने हाल ही में खसरा, चिकन पॉक्स या शिंगल्स या किसी भी तरह का वैक्सीन लगवाया हो वो ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं। 

किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं तो बिल्कुल ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं- जैसे एड्स, कैंसर, टीवी

डायबिटीज केसीजर्स को भी ब्लड डोनेट करने से बचना चाहिए

एक महिला अपने बच्चे को ब्रेस्टफीड करवाती हैं तो उन्हें भी ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए। 

डिस्क्लेमर : इस लेख में बताई गई विधि, तरीके और सलाह पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। 

ये भी पढ़ें: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2023: इस बार क्या है योग दिवस की थीम? 5 मिनट का योग क्यों जरूरी है?



Source link

Umesh Solanki

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here