Home Feature आरा हीटवेव तीन दिनों में 10 लोगों की मौत बिहार मौसम गर्मी एएनएन

आरा हीटवेव तीन दिनों में 10 लोगों की मौत बिहार मौसम गर्मी एएनएन

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आरा समाचार: आरा में लू लगने से टिन दिनों के अंदर दस लोगों की मौत की खबर ने लोगों को परेशान कर दिया है। बिहार में गर्मी का प्रकोप प्रचंड हो रहा है। गर्मी के साथ ही बढ़ती गर्मी के मौसम में मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। बिहार के कई हिस्सों में तापमान 42 डिग्री पार कर चुका है। इस बीच भारी गर्मी से कई लोग दम भी तोड़ रहे हैं। इसी साल गर्मी का पिछला रिकॉर्ड सभी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। भोजपुर जिले में गर्मी के प्रकोप से आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में हर वर्ग के लोगों में हाहाकार मच गया है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक गर्मी वीव की चपेट में आ रहे हैं। भोजपुर के अलग-अलग इलाकों में तीन दिनों के अंदर गर्मी की लहर और लू लगने से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं सबसे ज्यादा 6 की मौत केवल गुरुवार को हुई है।

गुरुवार को पिरोथाना क्षेत्र के शाहपुर गांव के निवासी शिवपूजन सिंह की 58 वर्षीय पत्नी शांति देवी की मौत हो गई। मृतिका के बेटे अनिल ने बताया कि बुधवार की सुबह 9 बजे घर से अपने मायके चकिया गांव जाने के लिए निकली थीं। नोलवर थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव में आरा-छपारा फोर लेन पर एक अज्ञात 60 वर्षीय बुजुर्ग का शव बरामद हुआ था। इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना स्थानीय थाना को दी गई। स्थानीय थाना पहुंचाएं और शव को अपने व्यवसाय में लेकर उसका प्रमाणपत्र सदर अस्पताल में विवरण दें।

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आरा के टाउन थाना क्षेत्र के भलुहीपुर मोहल्ले निवासी मो. शफी आलम अफरीदी के 40 साल के मो. रिजवान की गुरुवार की देर शाम अचानक मौत हो गई। शोक संतप्त के पिता मो शफी आलम फरीदी ने बताया कि वह गुरुवार को सुबह की तरह काम करने के लिए गए थे। शाम को वो घर लौटा। इसके बाद वह खराब हो गया। परिजन उसे इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल ले आए, जहां उसकी मौत हो गई।

उदवंतनगर थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव स्थित रेलवे लाइन के पास गुरुवार की सुबह एक अज्ञात 40 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद किया गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना उदवंतनगर थाना पुलिस को दी। सूचना ही मिलते हैं स्थानीय पुलिस विवरण पर विवरण और शव को अपने व्यवसाय में लेकर उसके सदर अस्पताल में विवरण।

आरा रेलवे स्टेशन पर एक अज्ञात बुजुर्ग की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को बुजुर्ग को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि बुजुर्ग आरा स्टेशन के परिसर में बैठे हुए थे तभी उनकी हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ते ही बुजुर्ग जमीन पर छटपटा रहे हैं जिससे उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। जहां उनकी मौत हो गई

कुल्हड़िया स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर भरी दोपहर में अपनी बेटी के घर जाने के क्रम में 70 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के दुबौली निवासी रामनारायण सुनार अपनी बेटी अनीता के घर जाने के लिए कुल्हड़िया स्टेशन पर उतरकर पैदल ही कुल्हड़िया गाँव जा रहे थे। धूप से बचने के लिए वो भी रुके, जहां वे अच्छे हो गए। रास्ते में आ रहे लोगों ने उन्हें मृत अवस्था में पाया।

चौरी थाना क्षेत्र के दुल्लमचक गांव के बधार में एक बुजुर्ग का शव पुलिस ने बरामद किया। अल्पसंख्यक पहचान आदिवासी पंचायत के टांडी टोलावासी स्व. घुरू राम के 61 वर्षपुत्र बैद्यनाथ राम के रूप में की गई। लू लगने से मौत की आशंका जा रही है।

नवादा थाना क्षेत्र के नवादा वार्ड नंबर 39 के निवासी लेट श्यामजी सिंह के 70 वर्षीय पुत्र सुरेंद्र कुमार सिंह आरा शहर के मठिया मोड़ के पास से डॉक्टर से मिलकर वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान घर पहुचते ही सीढियों पर गिर पड़े जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया। जहां उन्हें बेहतर इलाज के लिए पुत्तो रेफर कर दिया गया। जहा पूर्व के एक निजी अस्पताल में गुरुवार की सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

वहीं, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अरुण कुमार ने बताया कि हिट होने से बचने के लिए लोगों को पानी, ओआरएस बेल का शरबत, आम का तरीका जैसे इस्तेमाल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें। लोग बाहर नहीं निकले। उन ड्यूटी और जरूरी काम के लिए घर से बाहर निकलना है वो अपने को ठीक कर रख छाते और गमछा का उपयोग जरूर करें। धूप से लौटने के बाद ज्यादा से ज्यादा पानी पिया। विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे और जिन्को बीपी की शिकायत है वह विशेष इस बार ध्यान दें।

सदर अस्पताल के आरा में इमरजेंसी में ड्यूटी पर डॉक्टर सूर्यकांत निराला ने बताया कि आरा में लगातार टेंपरेचर बढ़ने के कारण सदर अस्पताल में ज्यादातर मरीज हीटस्ट्रोक के आ रहे हैं। प्रतिदिन सीरियस कंडीशन में मरीज आ रहे हैं। हर दिन रिपोर्टेथ की संख्या बहुत अधिक है। प्रतिदिन 5, 6 या 10 लोगों की मौत हो रही है। दूसरे बीमार से भी गंभीर स्थिति में मरीज सदर अस्पताल में हैं। लू लगने का सबसे पहला लक्षण है कि शरीर का टेंपरेचर बढ़ जाएगा और पसीना आना बंद हो जाएगा। अगर आपको बुखार है, अगर पसीने का एक रन भी नहीं है तो आप समझ ले की आप हिट के शिकार हो गए हैं। इसमें ज्यादातर रोलैंड को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, मरने वालों की संख्या ज्यादा है।

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