शासन के नियमो को अनदेखा कर बिना फलक बोर्ड लगाए काम जोरों पर।

Spread the love

गड़चिरोली जिले के ज्यादातर ग्राम पंचायत में विकास काम जनता के साथ साथ शासन को भी गुमराह करने का सिलसिला जोरो पर।चाहे 2515 हो या यंत्रणा के रोजगार गारंटी के या पीडब्ल्यूडी के सड़को के काम नाली निमार्ण में बिना फलक बोर्ड लगाए काम सुरु। मुलचेरा पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत अंर्तगत शांतिग्राम कंचनपुर गीताली से लेकर पर पंचायत समिति के ज्यादातर गावो में शासन के साथ साथ जनता को भी गुमराह कर काम किए जाने की खबर। शांतिग्राम ग्राम पंचायत अंतर्गत शासन के विकास के तहत कई काम सुरु हैं। लेकिन किसी भी काम में बोर्ड नही लगाई गई।कई काम पूरी हो चुकी हैं ।लेकिन अबतक फलक बोर्ड लगाई नही गई।आखिर कारण क्या हैं।जनता जानना चाहती है। फलक बोर्ड लगाने का शासन ने काम समाप्त होने के बाद लगाने का अधिनियम बनाई हैं या काम वीरू करने के पहले? शांतिग्राम में चल रही 2515 के लाखो रुपए के कंक्रीट सड़क बनकर तयार हो चुकी हैं कुछ एक काम सुरु हैं।लेकिन अबतक फलक बोर्ड लगाई नही गई।ग्राम पंचायत के सदस्य के द्वारा बनाई जा रही सड़क के एस्टिमेट और फलक बोर्ड क्यों नही हैं ।पूछने पर ग्राम पंचायत सदस्य का कहना हैं।ग्राम पंचायत सचिव की जिम्मेदारी हैं। एस्टीमेट दिखाना और बोर्ड लगाना। सचिव के देखरेख में काम हो रही हैं।परंतु काम करने वाले ठेकदार का कहना हैं। उन्होंने पैसा भरकर काम को मंजूर किया।काम तो वही करेंगे।चाहे उनके पास एस्टीमेट हो या ना हो। बिना कोई वर्क ऑर्डर मेजरमेंट सीट के काम करेंगे। जिम्मेदार ग्राम सचिव हैं।जो भी पूछना हैं उन्ही से पूछो।मतलब साफ हैं।कल अगर काम घटिया दर्ज का हो तो जिम्मेदार सचिव होंगे।जबकि ग्राम पंचायत सदस्य के द्वारा पैसा भरकर काम मंजूर किया बिना सचिव के आदेश से काम करेंगे।और सचिव को जानकारी नहीं देंगे। लेकिनकाम में गड़बड़ी हुई तो जिम्मेदार सचिव होंगे। कबतक ईमानदार सचिव को सरपंच सदस्य के मनमुताबिक काम नही होने की मंजूरी सचिव से मिले भ्रुष्ट काम शांतिग्राम में होती रहेगी? इसके पहले भी गोंगले नामक ईमानदार सचिव सरपंच सदस्य के मनमुताबिक काम नही करने के कारण ईमानदार सचिव को बदली कर अपने मनमुताबिक भ्रष्ट अधिकारी की सपना देखते रहेंगे? पिछले समय भी एक अच्छा सचिव को नसे की आदि बनाकर ग्राम के पंचायत शांतिग्राम में भ्रष्ट सरपंचों सदस्य के द्वारा खुदके काले कारणामे को सचिव को दिशाभूल में लेकर घोटाला कराए जाने की जानकारी हैं। लेकिन आज भी वही पुराना खेल खेले जाने की जद्दोजहद में घोटाले बाज जनप्रतिनिधि करते रहेंगे? आखिर केवल खुदके लाभ के लिए सरपंच सदस्य अपने परिवार के नाम काम लेकर खुद करते रहेंगे? क्यू सचिव साहेब सरकारी विकास के काम को ऑनलाइन करने की हिम्मत दिखाती? क्यों आखिर सभी काम सरपंच सदस्य के द्वारा करवा कर शासन बिकास के काम को घटिया दर्ज का बनाती रहेगी? कंचनपुर में 2515 के काम बिना लेबलिंग खोदकाम करे 80एमएम डाले कर दिया गया। क्या इसका जिम्मेदार भी सचिव हैं।या बंधकाम विभाग के अभियंता हैं? काम करे सरपंच सदस्य और जिम्मेदार सचिव कैसे हो सकते? और काम आधा अधूरा लीपापोती कर करने के बाद भी अभियंता इनके पूरा बिल कैसे पास करवा देते हैं? कब्टक भ्रष्ट काम सभी ग्राम पंचायत में होती रहेगी? जांच के नाम पर अभियता शासन को भी ठगना कब बंद करेगी?

गड़चिरोली से ज्ञानेंद्र बिस्वास

संजय रामटेके ( सह संपादक )

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here