राज्य सरकार की 600 रुपए वाली रेती हवा हवाई हैं या जुमले बाजी ?

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गढ़चिरोली जिले में हर एक रेती घाट पर अवैध रेती उत्खनन दिन रात सुरु हैं। सरकार कहती हैं अब आम आदमी को 600 रुपए में रेती मिलेगी। जनता राज्य सरकार से जानना चाहती हैं। क्या 2024 की चुनाव के जुमले बाजी हैं या हकीकत में भी लागू होगी? क्यू आम जनता को सरकार झूठा सपना दिखाकर मुंगेरीलाल के सपने दिखा रही हैं? आखिर सरकार कहती हैं। गरीबों को प्रधान मंत्री आवास के लिए 5 ब्रास रेती मुफ्त में मिलेगी। लेकिन रेती माफिया तो 2500 से 3 हजार रुपए प्रति ट्रैक्टर ले रही हैं। माफिया का कहना हैं। हम पटवारी से लेकर तहशीलदार को हफ्ता देते हैं।रेती ट्रिप 3 हजार लेंगे ही। जो करना हैं करो।

साधारण सी बात हैं मुलचेरा के लगाम क्षेत्र के एला घाट बिना नीलामी के हो माफिया कहती हैं। नीलाम हो गई। परंतु अब तक 600 वाली रेती जनता को नही मिली । माफिया कहते हैं 600 वाली रेती हम नही दे सकते जाकर तहसीलदार से बात करो।अभिताक ऑनलाइन की प्रक्रिया नही सुरु हुई।फिर ब्लाक में खुलेआम रेती डूलाई कैसे हो रही हैं? रही लगाम के पटवारी साहेब की पिछले 3 साल से लगातार केवल महीने में 1 दिन लगाम कार्यलाय में हाजिर रहते हैं।जानकारी अनुसार दबी जुबान पे कहा जाता हैं।पटवारी की पहुंच बहुत उपर तक हैं।इसलिए उनको लगाम के साथ साथ गोमनी का भी पदभार खास काम के लिए दिया गया।आम जनता लगाम कार्यलय जाते हैं तो सुनने को मिलते हैं। साहब तो गॉमनी में हैं। गोमनी जाते हैं तो कहा जाता हैं साहब तो मुलचेरा में हैं।आखिर इतना कौनसा खास हैं पटवारी साहेब दोनो जगह में हाजरी नही रहते। लेकिन उनकी हाजरी दोनो जगह पर महीने में पर दिख जाते हैं? सुनने आया साहब जी जिला में तकरीबन 40 लाख के मकान बांघकम में पिछले 6 महीने से व्यस्त थे फिर साहब लगाम और गोमनी हाजरी कब थे? जनता त्रस्त पटवारी मस्त। एला घाट से रेती की उत्तखानन हो या क्षेत्र में खुलेआम शासन के बिना परवाना हजारों ब्रास मुरूम की काला बाजारी हो सबकुछ खुलेआम होती हैं।पटवारी से लेकर अधिकारी कान में तेल डाल कर आंखो में काला चस्मा लगाकर काले धंधे के लिए बहरा गूंगा अंधा होने का ढोंग करती दिखाई दे रही हैं।आखिर मुलचेरा तालुका के सभी ग्राम पंचायत में पिछले 2 महीने से हजारों ब्रास मुरूम रेती दुलाईं हो रहे हैं।

अनगिनत यंत्रणा रोजगार हामी के कंक्रीट सड़क निर्माण हो रही हैं।क्या बिना परवाना रेती मुरम उत्खनन अधिकारी को जानकारी नहीं हैं।अब अधिकारी ही बताए आखिर जब 600 वाली रेती स्कीम सुरु ही नही हुई तो सरपंच सदस्य ठेकेदार के द्वारा सभी ग्राम पंचायत में रेती कहा और कैसे अधिकारी के नाक के नीचे से आ रही है ? गड़चिरोली से लेकर सिरोंचा तक खुलेआम लाखों ब्रश रेती उत्खनन हो रही हैं। इनको परवाना कब मिले हैं।और क्या पटवारी कभी जांच की हैं इनके ट्रैक्टर पर जा रही रेती अवेध हैं या लिगल हैं? जांच क्यू नही होती? इसका मतलब साफ हैं अवैध कारोबार अधिकारी के छत्र छाया में बिंदास्त हो रही है। जान बूझकर भ्रष्ट चार को बढ़ावा दिया जा रहा है ।आखिर अधिकारी करे भी तो क्या करे 45 डिग्री की गर्मी और आदत भी हो चुकी हैं सरकारी कार्यालय में कूलर की ठंडी ठंडी हवा में आराम फरमाने की और अगर बैठे बैठे अवैध कारोबारी कार्यालय आकर ठंड हवा में ध्यान रखे तो सोने पे सुहागा। कब्ताक पूरे जिले में अवैध कारोबार की दुकानदारी भ्रष्ट माफिया चलाती रहेगी? कब होगी कारवाही और कब मिलेगी 600 में आम जनता को रेती? क्या बारिश के बाद या अगले चुनाव के बाद? जिले के ज्यादातर घाट पर हजारों ब्रास रेती डंपिंग किया गया।पूछने पर बताया जाता हैं पिछले साल का माल हैं।आखिर पिछले साल का माल आभितक खत्म क्यू नही हुई? आई आज भी डंपिंग क्यों हैं? रेती तो लगातार रात दिन दुलाई हो रही हैं।मतलब साफ हैं।डंपिंग माल पुराना बातओ नया नदी से रोज रेती उठाओ। हर एक गांव में 100 ब्रास मुरूम ग्राम पंचायत के लिखित खर्च अनुसार पकड़ा जाए तो सभी गांव मिलाकर कितने करोड़ो का राजस्व की नुकसान हुआ प्रशासन की आखिर इतनी बड़ी नुकसान का जिम्मेदार कौन अधिकारी या सचिव सरपंच?

गढ़चिरोली से डेली खबर ब्यूरो चीफ ज्ञानेंद्र विश्वास

Umesh Solanki

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