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<पी शैली="पाठ-संरेखण: औचित्य सिद्ध करें;">देश के कई नोबेल पुरस्कारों में चुकाया गया है। आपदा की स्थिति के साथ ही लोगों को भीषण गर्मी से काफी हद तक राहत मिली है। बारिश के मौसम का आनंद लेने के लिए ज्यादातर लोग घर में अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाना पसंद करते हैं। इस सीजन में सबसे ज्यादा खाना बनाने वाले ‘पकौड़े’ हैं। बारिश और चाय-पकौड़े का मेल शायद ही किसी को लाभदायक लगता हो। हालाँकि कुछ ऑयली की वजह से इस दूरी से नज़र आती हैं और वे चाहते हैं कि भी बारिश होने के मौसम में मैसलेस न उठें। हालाँकि अगर आप पकौड़े बनाने का सही तरीका जान लें तो पकौड़े कभी ज्यादा तेल नहीं सोखेंगे। 

हम बार-बार पकौड़े ब्लॉक स्पीकर कुछ ऐसी गलतियां करते हैं, जिसकी वजह से यह काफी ऑयली बन जाते हैं। इनमें इतना अधिक तेल होता है कि इसकी विशिष्टता पर टपकना प्रतीत होता है। अब जरा सोचिए कि कितना ज्यादा तेल खाने से स्वास्थ्य पर कितना बुरा असर पड़ता है? अगर आप चाहते हैं कि पकौड़े कम से कम तेल खाएं और बिना स्वास्थ्य की चिंता किए इसे खाएं तो इन आसान टिप्स को जरूर फॉलो करें।

अपनाएं ये आसान टिप्स

आलू को अच्छे से सुखाएं: पकौड़े पकाए वक्त ज्यादातर लोग ये गलती करते हैं. वो स्वादिष्ट आलू का ही पकौड़ा बनाते हैं। जबकि हमेशा सुखकर ही आलू का पकौड़ा बनाया जाना चाहिए। क्योंकि नारियल का तेल सबसे ज्यादा खट्टा होता है।

सलाइस आकार के आकार में: आलू को हमेशा के लिए इस्तेमाल किया जाता है इस बात का ध्यान रखें कि इसकी मांग न तो अधिक मोटी हो और न ही अधिक मात्रा में हो। अगर ज्यादातर फाइल्स फाइल होगी तो पकौड़े तेल ज्यादा सोचेंगे।

चावल के आटे का इस्तेमाल: ज्यादातर लोग पकौड़े का इस्तेमाल सिर्फ बेसन का इस्तेमाल करके करते हैं। जबकि बेसन में 24 फीसदी हिस्सा चावल के आटे का भी रखा जाना चाहिए. इन दोनों को मिक्स करके एक बैटर तैयार करें और फिर इसमें पकौड़े बनाएं। इससे पकौड़े तेल कम सोखेंगे।

तेल में नमक डालने वाली बात: आपने शायद ही पहले कभी तेल में नमक डालने वाली बात सुनी हो। हालाँकि ये नुस्खा पकोड़े से भरपूर तेल सोखने से राहत में मददगार साबित हो सकता है। पकौड़े बनाने से पहले पकौड़े में तेल गर्म कर लें. फिर गरम तेल में थोड़ा सा नमक डाल दीजिये. ऐसा करने से जल्दी अंदर से पकौड़े भी फ्री हो जाएंगे और ज्यादा तेल भी नहीं सोखेंगे।

अस्वीकरण: इस लेख में बताई गई विधि, तरकीबें और सलाह पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित छात्र की सलाह जरूर लें।

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