जानिए वाटर फास्टिंग के फायदे जानिए फायदे और नुकसान

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जानिए वाटर फास्टिंग के फायदे जानिए फायदे और नुकसान
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वजन घटाने का फॉर्मूला: उपवास या फॉस्टिंग संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभ है। फास्ट करने से बॉडी डिटॉक्स हो जाता है और पाचन तंत्र भी ठीक रहता है। इसके साथ ही मानसिक और शारीरिक रूढ़ि भी बनी रहती है। हमारे देश में व्रत करने का सिलसिला सदियों पुराना है। मुख्य रूप से देवी-देवताओं की श्रद्धा के रूप में लोग व्रत करते हैं। लेकिन आज के समय में लोग वजन कम करने के लिए फास्ट करते हैं।

वाटर फास्टिंग है

वजन कम करने के लिए उपवास का चलन ट्रैंड में है, वो है ‘जल उपवास’यानि जल उपवास। नाम से ही जाहिर है कि इस उपवास में खाने के फायदे इसकी जगह नहीं हैं पानी,बिना चीनी वाली काली कॉफी और चाय जैसे आहार खाते हैं। पुरानी शर्तों का जोखिम भी कम होता है साथ ही शरीर के भाग्य को तोड़ने में भी मदद मिलती है। फायदों के साथ-साथ फास्टिंग करने से नुकसानदायक भी होता है। ठीक इसी तरह फॉस्टिंग ज्यादा करने से हमारे शरीर को नुकसान भी हो सकता है।

वाटरनटर फॉस्टिंग क्या है?

वाल्टर फॉस्टिंग का मतलब है कि आप पानी के अलावा खाने के अलावा किसी भी चीज को ताकत नहीं दे सकते। हमारे देश में इस व्रती को लोग धार्मिक कारणों से अब लोगों की सेहत को लाभ पहुंचाने के लिए इस व्रत को कर रहे हैं।

वाटरलेटर फॉस्टिंग शरीर को कैसे प्रभावित करती है

नैचुरल फॉस्टिंग का समय 24 घंटे से लेकर 3 दिन तक हो सकता है। साथ ही नेटवर्क फास्टिंग आपकी हेल्थ कंडीशन पर भी निर्भर करता है। अगर आपको दिल, किडनी की बीमारी, माइग्रेन, गाउट, टाइप 1 और टाइप 2 की बीमारी और गर्भवती महिलाओं को इस उपवास को नहीं करना चाहिए।

वाटरलटर फॉस्टिंग के बाद के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए

पहला उपवास आपको कम समय के लिए करना चाहिए। उपवास के तुरंत बाद भरपेट खाना नहीं खाना चाहिए। आपको थोड़ा-थोड़ा करके खाना चाहिए, और बहुत सारा पानी भरा हुआ होना चाहिए। उपवास के बाद ही उपवास के बाद ज्यादा लॉग खाना खाना चाहिए। अगर आपने उपवास के बाद भरपेट खा लिया तो आपको रिफिडिंग सिंड्रोम का खतरा हो सकता है। इस स्थिति में बॉडी के द्रव और इलेक्ट्रोलाइट स्तरों में तेजी से बदलाव होता है।

जल फास्टिंग का नुकसान

हम वाल्टर फॉस्टिंग करते हैं तो सिर्फ आहार लेते हैं, जिसमें बहुत कम कैलोरी होती है। इसके साथ ही फॉस्टिंग में मतली, सिरदर्द, कब्ज, चक्कर आना और लो ब्लड प्रेशर की परेशानी हो सकती है।

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Umesh Solanki

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